भारत में एडटेक स्टार्टअप के मामले में महामारी की वजह से मिलने वाली सफलता धीरे-धीरे कम होती जा रही है। चूंकि ज्यादा से ज्यादा छात्र ऑफलाइन शिक्षा के पारंपरिक रूप की ओर लौट रहे हैं, इसलिए एडटेक फर्मों को उनके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले छात्रों की संख्या में गिरावट नजर आई है।
बैजूस की हालिया वित्तीय जानकारी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है, जिसमें कंपनी की कमाई के मुकाबले ज्यादा नुकसान की सूचना दी गई है। इससे कुछ एडटेक कंपनियों को मिलने वाले अधिक मूल्यांकन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
बैजूस का वित्त वर्ष 21 का घाटा 4,588 करोड़ रुपये था और इस वित्त वर्ष का राजस्व 2,428 करोड़ रुपये रहा।
शिक्षक-छात्र के अधिक जुड़ाव वाले ऑफलाइन के आकर्षण की वजह से ऐसे कई स्टार्टअपों ने मौजूदा ऑफलाइन संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए ऑफलाइन केंद्र शुरू कर दिए हैं।
फिजिक्सवाला, बैजूस और अनअकैडमी जैसे प्लेटफॉर्म भी छात्रों को नई पेशकश दे रहे हैं।
फिजिक्सवाला, जिसने हाल ही में यूनिकॉर्न की सूची में जगह बनाई है, छात्रों को और ज्यादा व्यक्तिगत पेशकश की कोशिश कर रही है। फिजिक्सवाला के मुख्य रणनीति अधिकारी (सीएसओ) अभिषेक मिश्रा ने कहा कि हमने छात्रों के सवालों को हल करने में उनकी मदद के लिए पिछले साल अपना डाउट इंजन 1.0 पेश किया था।
इस संबंध में इसे व्यक्तिगत रूप से तैयार करने के अनुरोध पर हमने इस साल डाउट इंजन 2.0 पेश किया है, जो एक रीयल-टाइम समाधान प्रणाली है। हालांकि छात्र ऑनलाइन कक्षाएं कर हैं, लेकिन पृष्ठभूमि में शिक्षण सहायकों का एक समूह उन सवलों को हल करेगा, जिनका सामना छात्रों को कक्षा के दौरान करना पड़ सकता है।
फिजिक्सवाला ने अपने खजाना और सारथी कार्यक्रमों की भी शुरुआत की है। जहां एक ओर खजाना छात्रों को पिछले सभी व्याख्यानों का दस्ता प्रदान करता है, वहीं दूसरी ओर सारथी तीन व्यक्तिगत मार्गदर्शकों के जरिये हर सप्ताह में सातों दिन और 24 घंटे किसी भी समस्या के समाधान में सहायता प्रदान करता है।
अनअकैडमी ने दिल्ली और जयपुर में दो अनअकैडमी वर्ल्ड केंद्रों की शुरुआत की है, जहां छात्र इस स्टार्टअप की पेशकशों का अनुभव कर सकते हैं।