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इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

लिक्विडेशन में कंपनी की संपत्तियों को बेचकर उसका उधार चुकाया जाता है। लिक्विडेशन के बाद कंपनी का वजूद समाप्त हो जाता है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 20, 2025 | 8:08 PM IST

Go First Liquidation: किफायती हवाई यात्रा उपलब्ध कराने वाली एयरलाइन गो फर्स्ट अब इतिहास बनने जा रही है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने सोमवार को एयरलाइन गो फर्स्ट के लिक्विडेशन का आदेश दिया। आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन का ऑपरेशन पिछले करीब तीन साल से बंद है। एयरलाइन ने मई 2023 में वित्तीय संकट का हवाला देते हुए स्वैच्छिक रूप से दिवाला समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था।

क्या होता है लिक्विडेशन? Go First का भविष्य अब क्या होगा?

लिक्विडेशन में कंपनी की संपत्तियों को बेचकर उसका उधार चुकाया जाता है। लिक्विडेशन के बाद कंपनी का वजूद समाप्त हो जाता है। न्यायाधिकरण ने 15 पेज के आदेश में कहा कि वह कंपनी गो एयरलाइंस (इंडिया) लि. के लिक्विडेशन का आदेश दे रहा है। NCLT ने कहा कि योजना में कर्जदाताओं की समिति (COC) को अपने गठन के बाद और समाधान योजना की पुष्टि से पहले किसी भी समय संबंधित कंपनी के लिक्विडेशन का निर्णय लेने का अधिकार है।

Go First ने 17 साल तक भरी उड़ान

गो एयर का नाम बदलकर गो फर्स्ट किया गया था। कंपनी ने 17 साल से अधिक समय तक उड़ान सेवाएं दी। एयरलाइन का ऑपरेशन तीन मई, 2023 से बंद है। दिवाला समाधान प्रक्रिया के दौरान, कम से कम दो बोलीदाता … स्पाइसजेट प्रमुख अजय सिंह के साथ बिजी बी एयरवेज और शारजाह स्थित विमानन इकाई स्काई वन थे।

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DGCA ने Go First के 54 विमानों का लाइसेंस रद्द किया

यात्रा पोर्टल ईज माई ट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी बिजी बी एयरवेज में बहुलांश शेयरधारक है। इस बीच, विमानन नियामक DGCA ने गो फर्स्ट के 54 विमानों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। समाधान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पायी और अब न्यायाधिकरण ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का आदेश दिया है।

Go First ने साल 2005 में भरी थी पहली उड़ान

एयरलाइन ने 2005-06 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली उड़ान के साथ घरेलू ऑपरेशन शुरू किया और फिर 2018-19 में अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन शुरू करने के बाद से, गो फर्स्ट ने एयरबस को 72 ए320 नियो विमानों के लिए दो ऑर्डर दिए। ये ऑर्डर 2011-12 और 2016-17 में दिये गये। नकदी समस्या से जूझ रही एयरलाइन ने मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष में 1,800 करोड़ रुपये के नुकसान की सूचना दी।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

First Published : January 20, 2025 | 8:08 PM IST