facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

Advertisement

लिक्विडेशन में कंपनी की संपत्तियों को बेचकर उसका उधार चुकाया जाता है। लिक्विडेशन के बाद कंपनी का वजूद समाप्त हो जाता है।

Last Updated- January 20, 2025 | 8:08 PM IST
History became Go First! NCLT ordered liquidation of the airline इतिहास बन गई Go First! NCLT ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का ऑर्डर दिया

Go First Liquidation: किफायती हवाई यात्रा उपलब्ध कराने वाली एयरलाइन गो फर्स्ट अब इतिहास बनने जा रही है। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने सोमवार को एयरलाइन गो फर्स्ट के लिक्विडेशन का आदेश दिया। आर्थिक संकट से जूझ रही एयरलाइन का ऑपरेशन पिछले करीब तीन साल से बंद है। एयरलाइन ने मई 2023 में वित्तीय संकट का हवाला देते हुए स्वैच्छिक रूप से दिवाला समाधान प्रक्रिया के लिए आवेदन किया था।

क्या होता है लिक्विडेशन? Go First का भविष्य अब क्या होगा?

लिक्विडेशन में कंपनी की संपत्तियों को बेचकर उसका उधार चुकाया जाता है। लिक्विडेशन के बाद कंपनी का वजूद समाप्त हो जाता है। न्यायाधिकरण ने 15 पेज के आदेश में कहा कि वह कंपनी गो एयरलाइंस (इंडिया) लि. के लिक्विडेशन का आदेश दे रहा है। NCLT ने कहा कि योजना में कर्जदाताओं की समिति (COC) को अपने गठन के बाद और समाधान योजना की पुष्टि से पहले किसी भी समय संबंधित कंपनी के लिक्विडेशन का निर्णय लेने का अधिकार है।

Go First ने 17 साल तक भरी उड़ान

गो एयर का नाम बदलकर गो फर्स्ट किया गया था। कंपनी ने 17 साल से अधिक समय तक उड़ान सेवाएं दी। एयरलाइन का ऑपरेशन तीन मई, 2023 से बंद है। दिवाला समाधान प्रक्रिया के दौरान, कम से कम दो बोलीदाता … स्पाइसजेट प्रमुख अजय सिंह के साथ बिजी बी एयरवेज और शारजाह स्थित विमानन इकाई स्काई वन थे।

Also read: Arbitrage funds: इन फंडो में निवेश कर उठा सकते हैं शेयर मार्केट की उठापटक का फायदा

DGCA ने Go First के 54 विमानों का लाइसेंस रद्द किया

यात्रा पोर्टल ईज माई ट्रिप के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी बिजी बी एयरवेज में बहुलांश शेयरधारक है। इस बीच, विमानन नियामक DGCA ने गो फर्स्ट के 54 विमानों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। समाधान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पायी और अब न्यायाधिकरण ने एयरलाइन के लिक्विडेशन का आदेश दिया है।

Go First ने साल 2005 में भरी थी पहली उड़ान

एयरलाइन ने 2005-06 में मुंबई से अहमदाबाद के लिए पहली उड़ान के साथ घरेलू ऑपरेशन शुरू किया और फिर 2018-19 में अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन शुरू करने के बाद से, गो फर्स्ट ने एयरबस को 72 ए320 नियो विमानों के लिए दो ऑर्डर दिए। ये ऑर्डर 2011-12 और 2016-17 में दिये गये। नकदी समस्या से जूझ रही एयरलाइन ने मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष में 1,800 करोड़ रुपये के नुकसान की सूचना दी।

(एजेंसी के इनपुट के साथ)

Advertisement
First Published - January 20, 2025 | 8:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement