किफायती विमानन सेवाएं देने वाली स्पाइजेट लिमिटेड की किरायों में कटौती करने की कोई योजना नहीं है, जबकि सोमवार से घरेलू बाजार में जेट ईंधन की कीमतें 16 प्रतिशत तक घट चुकी हैं।
भारतीय घरेलू यात्री बाजार पर 10 प्रतिशत कब्जे वाली स्पाइसजेट के शेयरों की कीमत 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 28 रुपये हो गई। विमानन कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी पार्थ सारथी बसु ने कहा, ‘हमें कीमतों में स्थिरता लाने में कम से कम 2 से 3 महीनों का समय लगेगा और फिर हम किरायों को सुधारेंगे। जहां तक अभी की बात है तो फिलहाल हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है।’
सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने घरेलू विमानन ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की गिरती कीमतों को देखते हुए 16 प्रतिशत तक घटा दी हैं, जो सोमवार से लागू हो चुकी हैं। एयरलाइन की परिचालन लागत में विमानन ईंधन की हिस्सेदारी तकरीबन 45 फीसद होती है।
अधिक करों और अंतरराष्ट्रीय कीमत में उछाल के चलते भारत में भी इनके दाम में पिछले वर्ष सितंबर से अब तक 56 फीसद का इजाफा हो चुका है। स्पाइसजेट को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1,292.27 करोड़ रुपये का शुध्द घाटा झेलना पड़ा था, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का कर अदायगी के बाद मुनाफा 184.69 करोड़ रुपये था।
कंपनी की आय पिछली तिमाही में 46.64 प्रतिशत बढ़कर 4,561.54 करोड़ रुपये हो गई जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी की आय 3,110.60 करोड़ रुपये थी।