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इस कंपनी ने सरकार को दिया करीब ढाई हजार करोड़ का डिविडेंड, 70 फीसदी बढ़े शेयर

एलआईसी आईपीओ के लॉन्च के एक साल बाद, कंपनी के स्टॉक को अक्सर बाजार विशेषज्ञों द्वारा धन विनाशक के रूप में लेबल किया गया था।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 02, 2024 | 9:33 AM IST

भारत सरकार को एक कंपनी से डिविडेंड के रूप में 2,441 करोड़ की राशि मिली है। ये राशि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम ने डिविडेंड के तौर पर दी है। इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा है कि एलआईसी के चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती ने 2,441.44 करोड़ रुपये का डिविडेंड चेक सौंपा है।

बता दें, इस मौके पर फाइनेंस सेक्रेटरी विवेक जोशी भी उपस्थिति थे। एलआईसी के चेयरमैन ने वित्त मंत्री को ये चेक सौंपा।

चढ़े शेयर

इसी बीच LIC के शेयरों में भी उछाल देखा गया। शुक्रवार को 0.69 फीसदी की तेजी के साथ 1,029.90 रुपये के भाव पर बंद हुए। वहीं आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक महीने में कंपनी के शेयरों में 8.93 फीसदी की तेजी आई है। वहीं पिछले 6 महीने में इसके शेयरों का भाव करीब 56.38 फीसदी बढ़ा है। पिछले एक साल में LIC ने 71.34 फीसदी का अच्छा रिटर्न दिया है।

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दिसंबर में, एलआईसी ने बाजार मूल्यांकन के हिसाब से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को पछाड़कर देश की सबसे मूल्यवान पीएसयू फर्म बन गई। अब तक, रिलायंस इंडस्ट्रीज ₹19,46,521.81 करोड़ के बाजार पूंजीकरण के साथ भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी है, इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (₹14,53,649.63 करोड़), एचडीएफसी बैंक (₹10,97,634.10 करोड़), आईसीआईसीआई बैंक (₹7 ,18,367.25 )2, इंफोसिस ( ₹7,00,077.62 करोड़) और एलआईसी ( ₹6,32,721.15 करोड़) पर हैं।

एलआईसी आईपीओ के लॉन्च के एक साल बाद, कंपनी के स्टॉक को अक्सर बाजार विशेषज्ञों द्वारा धन विनाशक के रूप में लेबल किया गया था। हालांकि, कंपनी का शेयर पिछले 5-6 महीनों से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। केंद्र सरकार ने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के माध्यम से एलआईसी में 22.13 करोड़ से अधिक शेयर या 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची।

 

 

First Published : March 2, 2024 | 9:33 AM IST