प्रमुख कैब एग्रीगेटर कंपनी उबर आपातकालीन सहायता के लिए एक एकीकृत प्रौद्योगिकी समाधान तैयार कर रही है जिसका उद्देश्य आपात स्थिति में सार्वजनिक सुरक्षा अधिकारियों को राइड-हेलिंग फर्म के प्लेटफॉर्म पर रियल टाइम कार्रवाई के लिए डेटा प्रदान करना है।
इसके जरिये सवार या ड्राइवर किसी भी आपात स्थिति में अपने लाइव स्थान को साझा करने में सक्षम होंगे। उबर ऐप पर एक स्वाइप बटन के जरिये वे अपना नाम और संपर्क विवरण आदि की जानकारी पुलिस से साझा कर सकेंगे। इसे हर 4 सेकंड में अपडेट किया जाएगा। इससे पुलिस को संभावित जीवन रक्षक सहायता प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण समय की बचत होगी। इससे पहले आपात स्थिति में उबर ने सवारों को इन-ऐप एसओएस बटन या राष्ट्रीय आपातकालीन लाइन 100 का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया था। इसे आपातकालीन सहायता तकनीक के साथ अपग्रेड किया गया है। उबर ने आपातकालीन सहायता की शुरुआत हैदराबाद पुलिस के साथ की है। इसे हैदराबाद में उबर के सवारों और ड्राइवरों के लिए पहले ही लाइव किया जा चुका है। इस प्रकार के डेटा मिलने से जरूरत पड़ने पर तेजी से आपात सहायता प्रदान करने में मदद मिलेगी। सॉफ्टबैंक के निवेश वाली कंपनी ओला के साथ प्रतिस्पर्धा करने वाली कंपनी उबर इसका विस्तार अन्य राज्यों में करने की योजना बना रही है। कंपनी का कहना है कि इसे अनय राज्यों के पुलिस विभागों के साथ एकीकृत करते हुए देश के 100 शहरों में ले जाने की योजना है।