अर्थव्यवस्था

भारत 2027-28 तक बन सकता है तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था: पनगढ़िया

भारत लगभग 3.4 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी के साथ अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है।

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भाषा   
Last Updated- May 17, 2024 | 8:10 PM IST

सोलहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने शुक्रवार को कहा कि अगर देश पिछले दो दशकों की वृद्धि रफ्तार को आगे भी जारी रखता है तो भारत वित्त वर्ष 2027-28 तक दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। पनगढ़िया ने नई दिल्ली भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के वार्षिक व्यवसाय शिखर सम्मेलन में कहा कि 2003-04 से शुरू हुए दो दशकों में भारत ने अत्यधिक गरीबी को खत्म कर दिया है।

वर्तमान में अत्यधिक गरीब लोगों का अनुपात कुल जनसंख्या के तीन प्रतिशत से अधिक नहीं है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अल्प-रोजगार की समस्या है क्योंकि कार्यबल का एक बड़ा हिस्सा इस क्षेत्र में लगा हुआ है और उन्हें तीव्र शहरीकरण के लिए कृषि से हटाकर उद्योग की तरफ ले जाने की जरूरत है।

फिलहाल भारत का 45 प्रतिशत कार्यबल कृषि क्षेत्र में लगा हुआ है जबकि इस क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान 15 प्रतिशत ही है। इसका मतलब है कि कृषि में औसत उत्पादकता अर्थव्यवस्था की औसत उत्पादकता का एक-तिहाई है।

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पनगढ़िया ने कहा कि बीते दो दशकों में अमेरिकी डॉलर के संदर्भ में भारत की वास्तविक जीडीपी करीब आठ प्रतिशत की दर से बढ़ी है। वहीं बाजार मूल्य के हिसाब से पिछले 20 वर्षों में जीडीपी वृद्धि दर 10.2 प्रतिशत रही है। उन्होंने कहा, “आज हमारे पास जो कुछ भी है, उसमें से बहुत कुछ पिछले दो दशकों में हुआ है। इस दौरान हम वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड के झटके से भी निपटे। इस वृद्धि ने ही हमें डॉलर के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय जीडीपी रैंकिंग में पांचवें स्थान पर ला दिया है।”

पनगढ़िया ने कहा, “अगर हम आने वाले वर्षों में इसी दर से बढ़ते रहे तो हम 2026-27 तक ही तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकते हैं। लेकिन इसकी अधिक संभावना 2027-28 तक होने की है।” भारत लगभग 3.4 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी के साथ अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था है।

First Published : May 17, 2024 | 8:10 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)