File Photo: Goa CM Pramod Sawant
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि दक्षिण गोवा में 2019 से बंद पड़ा एक सरकारी चीनी का कारखाने अगले एक साल में फिर से चालू हो जाएगा और उसमें गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि आसपास के तालुकाओं में उपलब्ध गन्ने से इथेनॉल का उत्पादन करने के लिए संजीवनी चीनी कारखाने को फिर से शुरू करने के वास्ते पात्र बोलीदाताओं से योग्यता हेतु अनुरोध (आरएफक्यू) आमंत्रित किए गए हैं।
गन्ना किसान दक्षिण गोवा जिले के उस्गाओ गांव स्थित कारखाने में परिचालन फिर से शुरू करने की मांग को लेकर दो जनवरी से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से यह आश्वासन दिया गया। राज्य द्वारा संचालित कारखाना 1974 में शुरू किया गया था।
बढ़ते कर्ज के कारण 2019 में बंद होने से पहले तक कारखाने में किसानों से गन्ना खरीदकर चीनी का उत्पादन किया जाता था। सावंत ने कहा कि किसानों को विरोध-प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें पहले से ही कारखाने के बंद होने के कारण पिछले चार वर्षों के मुआवजे दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों को कुल मिलाकर 30 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम एक वर्ष के भीतर कारखाना फिर शुरू कर देंगे।’’ उन्होंने कहा कि राज्य कृषि विभाग बुधवार से आरएफक्यू दस्तावेज उपलब्ध कराएगा।