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Oommen Chandy Death: नहीं रहे केरल के पूर्व सीएम ओमन चांडी, कई वरिष्ठ नेताओं ने निधन पर जताया शोक

चांडी के पुत्र चांडी ओमन ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट के जरिए अपने पिता के निधन की जानकारी दी।

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भाषा   
Last Updated- July 18, 2023 | 9:41 AM IST

केरल के मुख्यमंत्री के तौर पर दो बार सेवाएं दे चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओमन चांडी (CM Oommen Chandy) का मंगलवार तड़के बेंगलुरु में निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे। चांडी के पुत्र चांडी ओमन ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट के जरिए अपने पिता के निधन की जानकारी दी।

उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, ‘‘अप्पा का निधन हो गया।’’ ओमन चांडी पिछले कुछ समय से बीमार थे और बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती थे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा और कई अन्य नेताओं ने केरल के पूर्व CM Oommen Chandy के निधन पर मंगलवार को शोक व्यक्त किया और पार्टी एवं केरल में उनके योगदान को याद किया।

खरगे ने ट्वीट किया, “केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और एक कद्दावर कांग्रेस नेता ओमन चांडी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि। वह जनता के नेता के रूप में सदा खड़े रहे। उनकी अटूट प्रतिबद्धता और दूरदर्शी नेतृत्व ने केरल की प्रगति और देश के राजनीतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी। उन्हें लोगों के प्रति उनके समर्पण और सेवा के लिए याद किया जाएगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति हार्दिक संवेदना।”

प्रियंका गांधी ने भी चांडी के निधन पर शोक जताया और उन्हें पार्टी का स्तंभ बताया। उन्होंने ट्वीट किया, “ओमन चांडी जी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना। वह कांग्रेस पार्टी के एक स्तंभ थे। वह एक ऐसे नेता थे जिन्होंने अपना जीवन सेवा के लिए समर्पित कर दिया और वह उन मूल्यों को लेकर प्रतिबद्ध थे जिनके लिए हम आज लड़ रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हम सभी उन्हें बहुत सम्मान के साथ याद करेंगे और उनकी विवेकपूर्ण सलाह की कमी महसूस होगी।”

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने चांडी को याद करते हुए कहा कि वह एक असाधारण व्यक्तित्व वाले और एक असल जन नेता थे। उन्होंने कहा, ‘‘चांडी अत्यंत सादगी और शिष्टाचार वाले व्यक्ति थे। वह चौबीसों घंटे काम करने वाले नेता थे, जो अपने मतदाताओं और केरल के लोगों के कल्याण के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देते थे। ”

उन्होंने ट्वीट किया, “मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल कई उपलब्धियों के लिए उल्लेखनीय था जिनकी व्यापक रूप से सराहना की गई और उन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी मान्यता प्राप्त हुई। मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मैं उन्हें पिछले कई वर्षों से जानता था। मुझे 10 साल पहले अट्टाप्पडी की विभिन्न बस्तियों में हमारे संयुक्त दौरे आज भी याद हैं।”

First Published : July 18, 2023 | 9:40 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)