Rescue operations in progress after workers are trapped in a tunnel collapse, in Uttarkashi
उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में बचाव कर्मियों ने मंगलवार को मलबे के अंदर 60 मीटर तक ड्रिलिंग का काम पूरा कर लिया। साथ ही बचाव पाइप के अंतिम हिस्से को ड्रिल करके बनाए गए रास्ते से भीतर भी डालने के प्रक्रिया पूरी हो गई है और 16 दिन से इसमें फंसे मजदूर किसी भी क्षण बाहर निकल सकते हैं। यह जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कहा कि सिलक्यारा सुरंग के मलबे में से बचाव पाइप डालने का काम पूरा हो गया है और सुरंग में पिछले 16 दिन से फंसे हुए 41 मजदूरों को जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा। बचाव कर्मियों ने सुरंग में मलबे में 60 मीटर तक ड्रिलिंग का काम मंगलवार दोपहर तक पूरा कर लिया।
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धामी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘बाबा बौखनाग के अपार आशीर्वाद से, देश के करोड़ों नागरिकों की प्रार्थनाओं के फलस्वरूप और अभियान में लगीं बचाव एजेंसियों के अथक प्रयासों के कारण सुरंग में पाइप डालने का काम पूरा हो गया है और हमारे भाइयों को जल्द ही बाहर निकाल लिया जाएगा।’
सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था और 41 मजदूर इसके अंदर फंस गए थे।
मंगलवार की सुबह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुंचे थे और कहा था कि लगभग 52 मीटर ड्रिलिंग की गई है, और उम्मीद है कि 57 मीटर के आसपास सफलता मिलेगी और मजदूरों को निकाला जा सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कॉल के जरिए धामी से चल रहे बचाव और राहत प्रयासों का जायजा लिया। पीएम मोदी ने फंसे हुए श्रमिकों का हालचाल पूछा और मुख्यमंत्री को बचाव कार्यों में शामिल लोगों के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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धामी ने सुरंग के अंदर ड्रिलिंग कार्यों की प्रगति के बारे में पीएम को अपडेट किया और कहा कि यदि बचावकर्मियों को इस दौरान कोई बाधा नहीं आती है, तो सभी श्रमिकों को जल्द ही निकाल लिया जाएगा।
PM मोदी ने मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि फंसे हुए श्रमिकों के परिवारों को कोई समस्या न हो।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के चार धाम मार्ग पर निर्माणाधीन सुरंग के ढह गए हिस्से के अंतिम 10 या 12 मीटर के मलबे के माध्यम से खुदाई में बारह रैट-होल माइनिंग एक्सपर्ट्स शामिल थे।
रैट-होल माइनर्स सोमवार रात से मैन्युअल रूप से ड्रिलिंग कर रहे हैं। इस प्रकार उत्पन्न मलबे को बचाव पाइप से रस्सियों का उपयोग करके मैन्युअल रूप से बाहर निकाला गया।
मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकालकर चिन्यालीसौड़ अस्पताल (Chinyalisaur Hospital) ले जाया जाएगा। अधिकारियों ने पहले बताया था कि सुरंग के अंदर फंसे 41 कर्मचारी ठीक और सुरक्षित हैं।