Monsoon Session: महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की बरसी पर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सभापति जगदीप धनखड़ द्वारा आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए जाने के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आज जब इस सदन में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है, वहीं सुबह तुषार गांधी को ‘गिरफ्तार’ कर लिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘तुषार गांधी को अगर गिरफ्तार किया जाता है तो मैं समझता हूं…।’’ खरगे को बीच में ही टोकते हुए सभापति ने उनके यह मुद्दा उठाने पर आपत्ति जताई। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके बाद सभापति ने 11 बज कर करीब 15 मिनट पर सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले सुबह सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर सदन ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके सम्मान में कुछ देर मौन रखा। तुषार गांधी ने एक ट्वीट कर दावा किया कि वह सुबह ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की बरसी मनाने के लिए निकले थे लेकिन सांताक्रूज पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘आजाद भारत के इतिहास में पहली बार मुझे हिरासत में लिया गया है। मैं नौ अगस्त को ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की बरसी मनाने के लिए घर से बाहर निकला था और सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले लिया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने दादा-दादी महात्मा गांधी और बा पर गर्व है जिन्हें इसी ऐतिहासिक तारीख पर अंग्रेजों ने हिरासत में लिया था।’’
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