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क्या 2030 तक बिजली की समस्या खत्म हो जाएगी? बिजली मंत्री ने बताए उत्साह बढ़ाने वाले आंकड़े

बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिये 80,000 मेगावाट क्षमता की तापीय बिजली परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न स्तर पर हैं।

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भाषा   
Last Updated- January 15, 2024 | 10:56 PM IST

केंद्रीय बिजली मंत्री आर के सिंह ने सोमवार को कहा कि सरकार ने पिछले नौ साल में बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2014 से लेकर अबतक बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में करीब 16.93 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जबकि 17.05 लाख करोड़ रुपये के निवेश पर काम जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिये 80,000 मेगावाट क्षमता की तापीय बिजली परियोजनाएं निर्माण के विभिन्न स्तर पर हैं। वहीं नवीकरणीय ऊर्जा के मामले में करीब 99,000 मेगावाट की क्षमता निर्माणधीन है।

सिंह ने विद्युत (संशोधन) नियम, 2024 के बारे में कहा कि बिजली और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अबतक 16.93 लाख करोड़ रुपये निवेश किए गए हैं। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में किये गये निवेश का ब्योरा देते हुए कहा कि कुल 16.93 लाख करोड़ रुपये में से 11.2 लाख करोड़ रुपये बिजली उत्पादन, वितरण और पारेषण क्षेत्र में जबकि 5.73 लाख करोड़ रुपये नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश किए गए हैं।

इसमें से 7.4 लाख करोड़ रुपये बिजली क्षेत्र में जबकि 9.65 लाख करोड़ रुपये नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की बिजली उत्पादन क्षमता इस समय करीब 428 गीगावाट है जो बढ़कर 800 गीगावाट हो जाएगी। देश ने 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है। हर साल 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की बोली की योजना है।

First Published : January 15, 2024 | 10:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)