पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने सोमवार को केरल के त्रिशूर जिले के पुन्नयूर निवासी एक 22 वर्षीय युवक की मौत मंकीपॉक्स से होने की पुष्टि की है। यह देश में मंकीपॉक्स से मृत्यु का पहला मामला है।
युवक 22 जुलाई को संयुक्त अरब अमीरात से वापस आया था जहां उसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। इलाज के दौरान युवक की 30 जुलाई को त्रिशूर के चावक्कड़ के पास एक निजी अस्पताल में मौत हो गई थी। केरल में अब तक चार मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं, जबकि दिल्ली में भी एक मामला सामने आया है। केंद्र सरकार ने नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल की अध्यक्षता में देश में मंकीपॉक्स के मामलों को देखने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है।
सूत्रों के अनुसार पहले अलाप्पुझा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में युवक के नमूनों का परीक्षण किया गया और जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो विस्तृत जांच के लिए नमूने पुणे भेजे गए। राज्य सरकार ने पहले ही मृतक युवक के संपर्क में आने वाले करीब 15 लोगों को एहतियात के तौर पर क्वारंटाइन करने का आदेश दिया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 19 जुलाई को युवक से जांच के लिए सैंपल लिए गए थे और 20 जुलाई को यूएई में युवक के रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी लेकिन इसके बावजूद उसने केरल की यात्रा की। राज्य सरकार द्वारा 19 जुलाई को ही हवाई अड्डों पर इसके लिए जांच शुरू कर दिया गया था लेकिन फिर भी अधिकारी युवक के मामले का पता लगाने में विफल रहे। चिंता की बात यह है कि उसके संपर्क में आने से प्रभावित लोगों की संख्या अधिक भी हो सकती है क्योंकि उसने अपने दोस्तों के साथ फुटबॉल भी खेला था।
युवक के परिवार ने 27 जुलाई के बाद उसकी हालत बिगड़ने के बाद यूएई में किए गए परीक्षणों के बारे में अधिकारियों को सूचित किया । युवक का अंतिम संस्कार 31 जुलाई को कोविड -19 के के प्रोटोकॉल के हिसाब से किया गया था। रविवार को जिला चिकित्सा अधिकारी ने पुन्नयूर में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसके बाद सोमवार को पंचायत द्वारा स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। चार मामले सामने आने के बाद, अधिकारियों ने हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ा दी है। हालांकि अधिकारिओं का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन एक स्वस्थ और जवान व्यक्ति की मृत्यु लोगों के बीच डर पैदा कर रहा हैं।
राज्य सरकार ने भी युवक की मौत की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का भी गठन किया है। केरल के स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने कहा कि सरकार इलाज में देरी के कारणों की जांच करेगा। दूसरी तरफ केंद्र की टास्क फोर्स राज्य सरकार को बीमारी से निपटने और प्रसार को रोकने में मदद करेगी। अब तक दुनिया भर में मंकीपॉक्स के लगभग 21,000 मामले सामने आए हैं, जिसमें मौतों की दर कोविड की तुलना में काफी कम है।