आम आदमी पार्टी (आप) ने अपने विधायक दुर्गेश पाठक को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तलब किये जाने पर सोमवार को सवाल उठाया और कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ‘बढ़ता राजनीतिक ग्राफ’ असली निशाना है।
धन शोधन के एक मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए पाठक के जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के बाद आप की यह प्रतिक्रिया आई है। यह मामला अरविंद केजरीवाल सरकार की अब वापस ले ली गई आबकारी नीति की जांच से संबद्ध है। पाठक, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव के लिए आप के प्रभारी हैं।
आप के प्रमुख प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक ट्वीट में आरोप लगाया , ‘अब गुजरात और दिल्ली, दोनों का चुनाव भाजपा-ईडी-सीबीआई गठबंधन लड़ेगा।’
उन्होंने कहा कि पाठक को ईडी द्वारा तलब किये जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली में एमसीडी चुनाव होने जा रहे हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्विटर पर हैरानगी जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी की दिल्ली इकाई के प्रभारी का सरकार की आबकारी नीति से क्या लेना-देना है कि उन्हें मामले में पूछताछ के लिए एजेंसी ने तलब किया। उन्होंने कहा, ‘आज ईडी ने आप के एमसीडी चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक को तलब किया।
दिल्ली सरकार की आबकारी नीति से हमारे एमसीडी चुनाव प्रभारी का क्या लेना-देना? इनका निशाना शराब नीति है, या एमसीडी चुनाव?’ आप की कालकाजी से विधायक आतिशी ने भाजपा की आलोचना की और आरोप लगाया कि ईडी के कदम ने स्पष्ट कर दिया है कि असली निशाना आप के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल का बढ़ता ‘राजनीतिक ग्राफ’ है, ना कि आबकारी नीति।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की आबकारी नीति की ईडी की जांच सिर्फ एक बहाना भर है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘आप के एमसीडी चुनाव प्रभारी दुर्गेश पाठक को ईडी का समन आना यह साफ़ कर देता है कि आबकारी नीति की जांच सिर्फ़ एक बहाना है और अरविंद केजरीवाल का बढ़ता हुआ राजनीतिक ग्राफ असली निशाना है!’
दिल्ली नगर निगम के 270 वार्ड के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद साल के अंत में एमसीडी चुनाव होने की संभावना है। ईडी ने केजरीवाल सरकार की आबकारी नीति 2021-22 के सिलसिले में पिछले हफ्ते देशभर में 40 स्थानों पर छापे मारे थे।