कीमतें तो बढ़ा दें, पर भाजपा…

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 2:45 AM IST

पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाने को बेकरार सरकार को भाजपा का डर कितना सता रहा है।


यह इससे साफ हो जाता है कि सरकार इस बाबत शनिवार को संभावित फैसले को अब अगले हफ्ते तक टालने का इरादा बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसा कदम इसलिए उठाया जा रहा है, क्योंकि रविवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने वाली है।

ऐसे में सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाकर उन्हें कोई मुद्दा थमाने को तैयार नहीं है। इसके साथ ही तेल कंपनियों को राहत पैकेज देने के सवाल पर भी आम सहमति नहीं बन पाने की वजह से सरकार आनन-फानन में कोई कदम नहीं उठाना चाह रही है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार कीमत बढ़ाने के साथ-साथ एक्साइज डयूटी में भी कटौती कर सकती है। हालांकि सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अब तक पेट्रो पदार्थों की कीमतों और कंपनियों को राहत देने के मसले पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।

वैसे कयास यही लगाया जा रहा है कि सरकार अगरपेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाती भी है, तो वह बहुत ज्यादा नहीं होगी और उसमें आम आदमी का ख्याल रखा जाएगा। ऐसा इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि वाम दल कीमत वृद्धि पर पहले ही ‘लाल’ हो रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि कीमतों में नियंत्रित वृद्धि भी तेल कंपनियों के घाटे को कुछ हद तक पाट सकती है। उल्लेखनीय है कि इंडियन बॉस्केट में कच्चे तेल की कीमत 129 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

फिसलने का डर

सरकार पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ाने का शनिवार को संभावित फैसला अगले हफ्ते तक टालने के मूड में
रविवार को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के मद्देनजर अपनाई यह रणनीति

First Published : May 30, 2008 | 11:36 PM IST