facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

कीमतें तो बढ़ा दें, पर भाजपा…

Last Updated- December 07, 2022 | 2:45 AM IST

पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाने को बेकरार सरकार को भाजपा का डर कितना सता रहा है।


यह इससे साफ हो जाता है कि सरकार इस बाबत शनिवार को संभावित फैसले को अब अगले हफ्ते तक टालने का इरादा बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, ऐसा कदम इसलिए उठाया जा रहा है, क्योंकि रविवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने वाली है।

ऐसे में सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाकर उन्हें कोई मुद्दा थमाने को तैयार नहीं है। इसके साथ ही तेल कंपनियों को राहत पैकेज देने के सवाल पर भी आम सहमति नहीं बन पाने की वजह से सरकार आनन-फानन में कोई कदम नहीं उठाना चाह रही है।

सूत्रों का यह भी कहना है कि सरकार कीमत बढ़ाने के साथ-साथ एक्साइज डयूटी में भी कटौती कर सकती है। हालांकि सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अब तक पेट्रो पदार्थों की कीमतों और कंपनियों को राहत देने के मसले पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है।

वैसे कयास यही लगाया जा रहा है कि सरकार अगरपेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाती भी है, तो वह बहुत ज्यादा नहीं होगी और उसमें आम आदमी का ख्याल रखा जाएगा। ऐसा इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि वाम दल कीमत वृद्धि पर पहले ही ‘लाल’ हो रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि कीमतों में नियंत्रित वृद्धि भी तेल कंपनियों के घाटे को कुछ हद तक पाट सकती है। उल्लेखनीय है कि इंडियन बॉस्केट में कच्चे तेल की कीमत 129 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

फिसलने का डर

सरकार पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ाने का शनिवार को संभावित फैसला अगले हफ्ते तक टालने के मूड में
रविवार को भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के मद्देनजर अपनाई यह रणनीति

First Published - May 30, 2008 | 11:36 PM IST

संबंधित पोस्ट