भारत ने सिर्फ 5 महीनों में निर्यात किए 1 बिलियन डॉलर से अधिक के iPhone

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:11 PM IST

भारत से Apple के iPhone का निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर हुआ है। अप्रैल के बाद से पांच महीनों में आईफोन के निर्यात ने 1 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर लिया है। इसी आंकड़े के साथ भारत इलेक्ट्रॉनिक्स चीजों के निर्माण में एक ताकत के रूप में उभरता नजर आ रहा है।
 
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा आंकड़ों के आधार पर भारत में मैन्युफैक्चर हुए iPhones की आउटबाउंड शिपमेंट मार्च 2023 तक 2.5 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यह मार्च 2022 तक भारत द्वारा निर्यात किए गए 1.3 बिलियन डॉलर मूल्य के iPhones का लगभग दोगुना है।

जानकार इसे भारत के लिए  इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में स्थापित करने का ये एक नए मौका के रूप में भी देखते हैं, क्योंकि Apple लंबे समय से अपने अधिकांश iPhones चीन में ही बना रहा है, लेकिन शी जिनपिंग और अमेरिकी सरकार के बीच तनाव से आर्थिक गतिविधियां काफी बाधित हुई हैं। यही कारण है कि एप्पल भी अब मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए विकल्प तलाश रहा है। 
 
हालांकि iPhone के कुल प्रोडक्शन में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है। लेकिन अब कई बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां भारत की ओर आकर्षित हो रही हैं। 

ताइवान की कंपनियां भारत में असेम्बल कर रहीं 

कॉन्ट्रैक्ट पर ऐपल के फोन बनाने वाली ताइवानी कंपनियां Foxconn Technology Group, Wistron Corp और Pegatron Corp दक्षिणी भारत के प्लांट्स में iPhones बनाती हैं। 
 
हालांकि, निश्चित तौर पर इस आंकड़े में भारत अभी भी चीन से काफी पीछे है। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के अनुमानों के अनुसार, चीन के 230 मिलियन की तुलना में पिछले साल भारत में लगभग 30 लाख iPhones बनाए गए थे। 
 
वहीं Apple के लिए भी चीन का विकल्प खोजना आसान नहीं होगा। Apple ने चीन में करीब 20 सालों तक एक मजबूत सप्लाई चेन बनाई है। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस के एनालिसिस का अनुमान है कि चीन से एप्पल की उत्पादन क्षमता का सिर्फ 10% स्थानांतरित करने में कंपनी को लगभग आठ साल लगेंगे। अब भी कंपनी के लगभग 98% iPhones चीन में ही बनाए जा रहे हैं।

First Published : October 4, 2022 | 4:18 PM IST