सर्वोच्च न्यायालय के संविधान पीठ के चार मामलों की सुनवाई की स्ट्रीमिंग की शुरुआत मंगलवार को हुई। यह स्ट्रीमिंग (प्रसारण) राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के यूट्यूब चैनल पर हुई। तीन संविधान पीठों की कार्यवाही का लोगों के लिए प्रसारण किया गया। इन तीन पीठों की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायूमूर्ति संजय किशन कौल ने की है।
बीते सप्ताह स्ट्रीमिंग करने का फैसला लिया गया था। संभावना यह है कि कार्यवाही के प्रसारण के लिए न्यायालय अपना प्लेटफॉर्म विकसित करेगा। यह पहली बार नहीं है कि न्यायालय ने अदालत की कार्यवाही की पहली बार लाइव स्ट्रीमिंग की है। इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद से मुक्त होने वाले न्यायमूर्ति एन वी रमण के सेरेमोनियल बेंच की 26 अगस्त को लाइव स्ट्रीमिंग की गई थी।
चौथे संविधान पीठ का गठन
पांच मामलों की सुनवाई के लिए चौथे संविधान पीठ का गठन किया गया है। इस पीठ में न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर, न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना, न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना शामिल होंगे। सर्वोच्च न्यायालय के मुताबिक यह पीठ नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करेगी।
इसके अलावा सार्वजनिक पदाधिकारियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित मुद्दे पर सुनवाई करेगी। पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी कि विधानसभा के सदस्यों को रिश्वत के मामले में अभियोजन के खिलाफ प्रतिरक्षा प्राप्त है। किसी अपराध के दोषी प्रतीत होने वाले अन्य व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करने की शक्ति की वैधता पर सुनवाई होगी।