लोकलसर्किल की ओर से कराए गए एक सर्वे में शामिल 92 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि पिछले 3 महीने के दौरान उनके परिवार का मासिक खर्च बढ़ा है। यह बढ़ोतरी पेट्रोल, डीजल, खाद्य तेल, परिवार के जरूरी सामान व अन्य संबंधित उत्पादों व सेवाओं के महंगा होने की वजह से हुआ है।
कम से कम 70 प्रतिशत लोगों का कहना है कि उनके मासिक बजट में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई हैष वहीं 55 प्रतिशत को उम्मीद है कि अगले 3 महीने में कीमतों में 10 प्रतिशत और बढ़ोतरी होगी। लोकल सर्किल द्वारा कराए गए सर्वे में 323 जिलों के 12,000 से ज्यादा परिवारों के 23,500 से ज्यादा लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। लोकल सर्किल कम्युनिटी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को लघु उद्योगों में सक्षम बनाता है और नीतिगत मसलों को उठाकर उस दिशा में हस्तक्षेप पर जोर देता है। लोकल सर्किल का कहना है कि पेट्रोल व डीजल की कीमत में कमी किए जाने से परिवारों के व्यय पर बड़ा असर पड़ेगा। केंद्र व राज्य सरकारों को निश्चित रूप से मूल्यांकन करना चाहिए कि वे कम से कम 10 रुपये लीटर की राहत किस तरह से दे सकती हैं। अगर केंद्रीय उत्पाद शुल्क औऱ राज्य के मूल्यवर्धित कर में बढ़ोतरी की जाती है तो ईंधन की बढ़ी कीमत का परिवारों के बजट पर पडऩे वाले नकारात्मक असर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।