Tunnel Rescue: उत्तराखंड की सिलक्यारा टनल (Silkyara Tunnel) में फंसे 41 मजदूरों का आखिरकार बाहर निकलना शुरू हो गया। इस सुरंग से पहले मजदूर को बाहर निकाल लिया गया है। पिछले 17 दिन से जारी दिन-रात कड़ी मशक्कत के बाद आज मजदूरों को सकुशल मौत के मुंह से बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
भारत माता की जय और पटाखों के साथ सुरंग से निकले मजदूरों का स्वागत
उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों में से पहले श्रमिक को बाहर लाया गया। मजदूरों के टनल से निकलने के साथ राहत कार्य में जुटे सैकड़ों कर्मचारियों समेत करोड़ों भारतीयों ने राहत की सांस ली। लोगों ने भारत माता की जय के नारों के साथ मजदूरों के सुरंग से निकलने का स्वागत किया।
मजदूरों को निकालने के बाद अस्पताल ले जाने के लिए प्रशासन ने पहले से ही 40 से ज्यादा एम्बुलेंस तैयार कर रखी है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी भी खुद मौके पर मौजूद है। PM मोदी ने भी मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि फंसे हुए श्रमिकों के परिवारों को कोई समस्या न हो।
सिल्क्यारा सुरंग से श्रमिकों को ले जाने के लिए चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर तैनात भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर की मदद ली जायेगी।
बता दें कि सुरंग का एक हिस्सा 12 नवंबर को ढह गया था और 41 मजदूर इसके अंदर फंस गए थे। इसके बाद से ही उन्हें टनल में से निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
रेस्क्यू के बाद मजदूरों को ले जाया जाएगा चिन्यालीसौड़ अस्पताल
मजदूरों को रेस्क्यू कर बाहर निकालकर चिन्यालीसौड़ अस्पताल (Chinyalisaur Hospital) ले जाया जाएगा। अधिकारियों ने पहले बताया था कि सुरंग के अंदर फंसे 41 कर्मचारी ठीक और सुरक्षित हैं।