देश में गेहूं आयात की खबरों का सरकार ने खंडन किया है। भारत सरकार की ओर से कहा गया है कि अभी गेहूं आयात की कोई योजना नहीं है। पिछले महीने देश में भीषण गर्मी पड़ने के कारण गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ा था जिसके बाद यह खबर आई थी कि सरकार विदेशों से गेहूं आयात पर विचार कर रही है। हालांकि अब जाकर सरकार ने इसे अफवाह करार दिया है।
खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग की ओर से कहा गया है कि भारत में गेहूं आयात करने की कोई योजना नहीं है। हमारे पास घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्टॉक उपलब्ध है। इसके साथ साथ भारतीय खाद्य निगम के पास भी सार्वजनिक वितरण के लिए पर्याप्त स्टॉक है।
निर्यात पर लगाई थी रोक
सरकार ने 13 मई को गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी थी। इसका कारण रूस और यूक्रेन युद्ध तथा देश में गेहूं के बढ़ते दाम को बताया गया था। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि दुनियाभर में अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में अगर हम निर्यात शुरू करते हैं तो जमाखोरी की आशंका बढ़ सकती है। इससे उन देशों को कोई लाभ नहीं होगा, जिन्हें अनाज की जरूरत है। हमारे इस फैसले से वैश्विक बाजारों पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि वैश्विक बाजार में भारत का निर्यात एक फीसदी से भी कम है।
अनुमान से कम उत्पादन
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार 2021-22 के दौरान 106.84 मिलियन टन गेहूं उत्पादन हुआ। सरकार को 111 मिलियन टन उत्पादन का अनुमान था। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पूरी दुनिया में गेहूं की किल्लत बढ़ गई थी। भारत ने पहले गेहूं का निर्यात किया, लेकिन बाद में गेहूं की कमी को देखते हुए इसपर सरकार ने रोक लगा दी थी।