अदाणी समूह ने बाजार पूंजीकरण के लिहाज से मुकेश अंबानी समूह पर बढ़त बरकरार रखी है और टाटा के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ा समूह बना हुआ है।
सोमवार को अदाणी समूह की फर्मों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 19.44 लाख करोड़ रुपये था जबकि अंबानी का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 17.89 लाख करोड़ रुपये। 21.73 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ टाटा समूह सबसे आगे है। अदाणी ने 2 अगस्त को अंबानी को पीछे छोड़ दिया था। अदाणी समूह की कंपनियां अन्य कारोबारी समूह की फर्मों और व्यापक बाजारों के मुकाबले उम्दा प्रदर्शन अच्छे खासे मार्जिन के साथ जारी रखे हुए है।
अदाणी समूह की कंपनियों ने इस कैलेंडर वर्ष में अपने एमकैप में करीब 10 लाख करोड़ रुपये जोड़े हैं जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत मुकेश अंबानी की अन्य कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में महज 1.61 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
इस साल अब तक के लिहाज से टाटा समूह की कंपनियों के संयुक्त बाजार पूंजीकरण में गिरावट देखने को मिली है। अदाणी समूह की सात सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण इस साल अब तक के लिहाज से दिसंबर 2021 के 9.62 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले दोगुना होकर सोमवार को 19.44 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस अवधि में मुकेश अंबानी की नौ सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 9.6 फीसदी बढ़ा है। यह दिसंबर 2021 के 16.33 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर सोमवार को 17.89 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसकी तुलना में टाटा समूह की 26 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण दिसंबर 2021 के 23.36 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 6.9 फीसदी घटकर सोमवार को 21.73 लाख करोड़ रुपये रह गया।
उधर, इस साल अब तक बीएसई सेंसेक्स महज 0.9 फीसदी चढ़ा है। मौजूदा कैलेंडर वर्ष में अदाणी समूह की कंपनियों ने व्यापक बाजार के मुकाबले उम्दा प्रदर्शन किया है, लेकिन अदाणी पावर के शेयर में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है।