भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) को लेकर बड़ी जानकारी दी है। 12 अक्टूबर को दी गई जानकारी के मुताबिक, देश की 14 नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों ने अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर कर दिया है।
इनमें से 10 कंपनियों के लाइसेंस सरेंडर करने के पीछे का कारण नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन (NBFI) बिजनेस से बाहर निकलना है।
कौन हैं ये 10 NBFC –
ये भी पढ़ें- BSE ने किया बड़ा बदलाव, अगले हफ्ते से सोमवार को होगी Bankex की एक्सपायरी
14 में से बाकी की बची 4 NBFC ने लाइसेंस इसलिए सरेंडर किया है क्योंकि वे लीगल एंटिटीज नहीं रह गईं। जिसका कारण अमलागेशन/मर्जर/डिजोल्यूशन/स्वैच्छिक हड़ताल आदि हैं।
ये 4 NBFC हैं-
ये भी पढ़ें- Paytm Payments Bank पर 5.39 करोड़ रुपये का जुर्माना
RBI ने रद्द किया एक हाउसिंग फाइसेंस कंपनी का लाइसेंस, 5 बैंक पर जुर्माना
भारतीय रिजर्व बैंक ने एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (HFC) का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। यह कंपनी चेन्नई की इंड बैंक हाउसिंग कंपनी है। इसी के साथ आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक समेत 5 बैंकों पर मॉनेटरी पेनल्टी लगाई है।
RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर 5.39 करोड़ रुपये की मॉनेटरी पेनल्टी लगाई है। RBI ने पुणे के अन्नासाहब मागर सहकारी बैंक पर 4 लाख रुपये, मुंबई के फिनक्वेस्ट फाइनेंशियल सॉल्यूशंस पर 1.20 लाख रुपये, पालघर के जवाहर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर 1 लाख रुपये और वाई, महाराष्ट्र के जनता अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।