आप कितने केंद्रों का संचालन कर रहे हैं और अन्य ई-कियोस्क से यह कैसे भिन्न है?
हम कर्नाटक में 800 केंद्रों पर सेवाएं दे रहे हैं। हमारा काम सरकारी और निजी केंद्रों, जिसमें बैंकिंग, इंश्योरेंस, मोबाइल रिचार्ज और ट्रेन बुकिंग शामिल है, के क्षेत्रों में सभी जिलों के ब्लॉक स्तर तक फैला हुआ है।
हमने पिछले साल हरियाणा के पांच जिलों में 300 केंद्र खोले हैं। जल्द ही उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल में 45 केंद्र खोले जाएंगे। हम अपने केंद्रों का संचालन खुद करते हैं। हमें फ्रेंचाइजी पर यकीन नहीं है। हम विभिन्न चैनलों पर नियंत्रण रखना चाहते हैं। हमारे लिए विकास ही आय का प्रमुख जरिया है। इसलिए उच्च गुणवत्ता की सेवाएं हमारी प्रमुख चुनौती है।
आपने यह उपक्रम कब शुरू किया?
रवि और मैं अन्ना विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके निकले, तभी से साथ-साथ काम करने को ठान लिया। हमारे पास आईआईएम से निकली हुई मैनजेमेंट की बेहतरीन टीम है।
आपका उद्देश्य क्या है?
हम भलाई कर पैसा बनाना चाहते हैं। हम लोग इस काम को पिछले 8 साल से कर रहे हैं और 15 से 18 प्रतिशत लाभ कमा रहे हैं।
आप एक केंद्र पर कितना निवेश करते हैं?
हमें एक केंद्र के लिए कम से कम 1 लाख रुपये की जरूरत होती है। इस निवेश की वापसी में करीब 9-12 महीने लगते हैं और 18-20 महीनों में ये लाभ में चलने लगते हैं।
आपका टर्नओवर कितना है?
इस समय 60 करोड़ रुपये का है और हम उम्मीद करते हैं कि इस साल यह दोगुना हो जाएगा।
आप निवेश के लिए पैसा कहां से लाते हैं?
हम वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी फंड से धन जुटाते हैं। हमारे लिए एविगो इनम और इंटेल कैपिटल ने मोटी रकम का निवेश किया है।