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लेखक : बीएस संपादकीय

आज का अखबार, लेख, संपादकीय

राजकोषीय सुदृढ़ीकरण को जोखिम

केंद्र सरकार ने गत सप्ताह यह निर्णय लिया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना बंद की जाएगी। यह योजना 28 महीने पहले इसलिए शुरू की गई थी ताकि महामारी के दौरान आबादी के वंचित वर्ग को सहायता पहुंचाई जा सके। इसके तहत उन्हें पांच किलोग्राम चावल या गेहूं नि:शुल्क दिया जा रहा था। अर्थव्यवस्था में […]

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कठिन लक्ष्य

संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन के पक्षकारों के 15वें सम्मेलन (कॉप 15) का आयोजन पिछले दिनों कनाडा के मॉन्ट्रियल में किया गया। इस आयोजन में जो सहमति बनी वह कागजों पर तो काफी प्रभावशाली नजर आती है लेकिन उसका क्रियान्वयन काफी कठिन साबित हो सकता है। हालांकि इसकी फाइनैंसिंग के लिए एक व्यापक व्यवस्था बनाने […]

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कोविड की नई दस्तक

चीन में बुरी तरह अलोकप्रिय हो चुकी कोविड शून्य नीति को वापस लिए जाने के बाद कोविड-19 संक्रमण के मामलों में विस्फोटक ढंग से इजाफा हुआ है। इससे यह आशंका उत्पन्न हो गई है कि कहीं हालात 2019 के आखिरी और 2020 के आरंभिक दिनों जैसे न हो जाएं। अमेरिकी लोक स्वास्थ्य वैज्ञानिक एरिक-फील-डिंग ने […]

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सावधानी की जरूरत

कर अधिकारियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित मामलों में करदाताओं को कारण बताओ नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। सोमवार को इस समाचार पत्र ने खबर प्रकाशित की थी कि कंपनियों और पार्टनरशिप कंपनियों को 50,000 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर कंपनियां आभूषण और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़ी […]

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शराबबंदी की विफलता

बिहार में अवैध शराब का सेवन करने से 70 से अधिक लोगों की मौत हमें यह याद दिलाता है कि कैसे शराबबंदी समाज कल्याण की दृ​ष्टि से भी और राज्य की वित्तीय ​स्थिरता के नजरिये से भी एक नाकाम नीति है। बिहार में 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे चुनावी हथियार के रूप में […]

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मानक निर्धारण

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने हाल ही में एक परिपत्र में पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवा (पीएमएस) क्षेत्र के प्रदर्शन मानकीकरण तथा निवेश संबंधी रुख के लिए सख्त परिभाषाएं एवं दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये अप्रैल 2023 से लागू होंगे और निवेशकों के समक्ष इस बारे में सही तस्वीर पेश करेंगे कि पीएमएस का लक्ष्य […]

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अगला चरण

मुद्रास्फीति की दर में अनुमान से अ​धिक नरमी आने के बाद अमेरिकी बाजार प्रतिभागियों में यह उम्मीद बढ़ गई थी कि फेडरल रिजर्व जल्दी ही दरों में इजाफा करने का चक्र समाप्त कर देगा। अमेरिका में मुद्रास्फीति की दर अक्टूबर के 7.7 फीसदी से कम होकर नवंबर में 7.1 फीसदी रह गई। बहरहाल, बाजार को […]

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अहम निर्णय

लंबे अंतराल के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक इस सप्ताह होने वाली है। बैठक में कुछ अहम मसलों पर निर्णय लिया जाएगा। परिषद जिन विषयों पर निर्णय ले सकती है उनमें से एक है कुछ प्रकार के अपराधों की आपराधिकता समाप्त करना। जैसा कि […]

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जीएम सरसों: एक स्वागतयोग्य परिवर्तन

जीन संवर्द्धित (जीएम) सरसों की हाइब्रिड किस्म डीएमएच-11 को मंजूरी देने को लेकर संसद में जो वक्तव्य दिए गए और सर्वोच्च न्यायालय में जो साक्ष्य दिया गया वह जीएम फसलों को लेकर सरकार की नीति में सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है। इन फसलों की वा​णि​ज्यिक खेती को लेकर अनि​श्चित रुख रखने के बजाय अब […]

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रुख पर कायम रहे सरकार

गत वर्ष केंद्र सरकार ने वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनियों के लिए एक राहत पैकेज मंजूर किया था ताकि यह उद्योग दो कंपनियों के दबदबे वाला क्षेत्र बनकर न रह जाए। अगर सरकार वोडाफोन आइडिया के बकाया ब्याज को शेयर में बदलने के अपने रुख पर कायम नहीं रहती है तो वह उद्देश्य […]

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