कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट में मंगलवार को 12,500 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए जाने से हलचल है। दरअसल, सुस्त यील्ड से उधारी की लागत घटी है। इससे इस महीने में कुल 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाने की उम्मीद है। जून में अब तक अच्छी रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड की यील्ड में 50-70 […]
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महीनों तक भारी मुश्किलें झेल चुके माइक्रोफाइनैंस ऋणदाता अभी पटरी पर लौट ही रहे थे कि कमजोर मॉनसून जैसे पुराने जोखिम ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने भी आगाह किया है कि खरीफ के मौसम में 12 राज्यों पर अल नीनो का काफी गंभीर असर पड़ सकता है। मंत्रालय की चेतावनी […]
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पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी भारतीयों के बीच भारत में टर्म जीवन बीमा पॉलिसियों की मांग बढ़ रही है। क्षेत्रीय अनिश्चितता की चिंता और भारतीय बीमा उत्पादों के किफायती होने से इसकी मांग बढ़ी है। बजाज लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य ऑपरेशंस और कस्टमर एक्सपीरियंस अधिकारी राजेश कृष्णन […]
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आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने सोमवार को साफ किया कि एथेनॉल-20 (E20) ईंधन के उपयोग से मोटर बीमा पॉलिसी के दावों (क्लेम) की वैधता प्रभावित नहीं होती और कंपनी केवल ईंधन के इस्तेमाल के आधार पर क्लेम खारिज नहीं करती है। ब्लॉग पोस्ट से बढ़ी क्लेम की चिंता कंपनी की यह सफाई उस विवाद के […]
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FCNR Scheme: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले कुछ महीने काफी दिलचस्प हो सकते हैं। एक तरफ दुनिया भर में अनिश्चितता बनी हुई है, तो दूसरी तरफ भारत में बड़ी मात्रा में विदेशी पैसा आने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो रुपये पर बना दबाव कम हो सकता है, बैंकों […]
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भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा में उधार (ओएफसीबी) लेने के लिए मुद्राओं की अदला-बदली यानी स्वैप की रियायती सुविधा मुहैया कराई है। कर्ज की तेजी से बढ़ती मांग के बीच जमा जुटाने के लिए तगड़ी मशक्कत कर रहे बैंकों को लिए इस सुविधा से रकम हासिल करना आसान हो सकता है। पिछले सप्ताह जारी […]
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ओपनएआई, एंथ्रोपिक, रिप्लिइट, इमरजेंट जैसी वैश्विक कंपनियों के आने से भुगतान प्रक्रिया वाली भारतीय कंपनियों के लिए सीमा पार यानी विदेशों में भुगतान के अवसर खुल रहे हैं। यह सेगमेंट तेजी से बढ़ रहा है। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र की वैश्विक कंपनियां भारत के फिनटेक क्षेत्र के लिए विकास के नए जरिये के रूप में […]
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भारत में छोटी रकम के कर्ज देने वाले माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में दिक्कतें अप्रैल में एक बार फिर उभर आईं। हालांकि परिसंपत्ति की गुणवत्ता में कुल मिलाकर सुधार हुआ है मगर कर्ज चुकाने का सिलसिला बेहतर होने के बाद भी कंपनियां मुश्किलों से बाहर नहीं आई हैं। सीआरआईएफ हाई मार्क की हालिया माइक्रोलेंड लाइट रिपोर्ट बताती […]
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भारत का माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र लंबे समय से चली आ रही सुस्ती से उबरता दिख रहा है। माइक्रोफाइनैंस इंस्टीट्यूट नेटवर्क (एमएफआईए) की जारी नवीनतम तिमाही रिपोर्ट के अनुसार इसका ऋण पोर्टफोलियो सात तिमाहियों में पहली बार बढ़ा है और संपत्ति गुणवत्ता मार्च 2024 से पहले के स्तर पर वापस आ गई है। उद्योग का सकल ऋण […]
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गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का बहीखाता वित्त वर्ष 2027-28 के अंत में 92.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2028 के बीच एनबीएफसी का बहीखाता 16 प्रतिशत बढ़ जाएगा। मगर रिपोर्ट में कहा गया […]
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