facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्स

Advertisement

AI और हाई-स्किल टैलेंट की मांग बढ़ी, 20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में 11% उछाल

Last Updated- June 17, 2026 | 2:18 PM IST
IT Stocks to buy

IT Stocks to Buy: अगर आपको लग रहा है कि आईटी सेक्टर में नौकरियां कम हो रही हैं, तो तस्वीर आधी सही है। सच यह है कि कंपनियां अब बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी देने के बजाय चुनिंदा और हाई-स्किल प्रोफेशनल्स की तलाश में हैं। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। मई 2026 के हायरिंग आंकड़े बताते हैं कि भारतीय टेक्नोलॉजी जॉब मार्केट किसी सामान्य सुस्ती से नहीं गुजर रहा, बल्कि एक बड़े बदलाव के दौर में है। कंपनियां अब संख्या नहीं, बल्कि विशेषज्ञता को प्राथमिकता दे रही हैं।

कुल हायरिंग में सुस्ती, IT सेक्टर में गिरावट

नौकरी डॉट कॉम के मई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल व्हाइट-कॉलर हायरिंग सालाना आधार पर सिर्फ 1 फीसदी बढ़ी। वहीं आईटी सेक्टर में भर्ती 7 फीसदी घट गई। हालांकि यह कमजोरी मुख्य रूप से एंट्री-लेवल और कम स्किल वाली नौकरियों में देखने को मिली है। यानी सबसे ज्यादा दबाव उन लोगों पर है जो करियर की शुरुआत कर रहे हैं या सामान्य टेक्निकल रोल में काम करते हैं।

AI और हाई-स्किल प्रोफेशनल्स की मांग बरकरार

दूसरी ओर AI, मशीन लर्निंग, डेटा इंजीनियरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी और प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ कर्मचारियों की मांग मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियां अब ऐसे लोगों की तलाश कर रही हैं जो सीधे बिजनेस पर असर डाल सकें, ऑटोमेशन को बढ़ावा दें और AI आधारित प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ा सकें।

ज्यादा सैलरी वालों की मांग बढ़ी

हायरिंग ट्रेंड्स में सबसे दिलचस्प बात वेतन के स्तर पर दिख रही है। 20 लाख रुपये सालाना से अधिक वेतन वाली नौकरियों में मई के दौरान 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके उलट मिड-लेवल और एंट्री-लेवल हायरिंग में गिरावट देखने को मिली। इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनियां कम लोगों को भर्ती कर रही हैं, लेकिन बेहतर स्किल वाले कर्मचारियों पर ज्यादा निवेश कर रही हैं।

AI की चमक अभी फीकी नहीं पड़ी

फरवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद AI और मशीन लर्निंग से जुड़ी नौकरियों की मांग में कुछ नरमी जरूर आई है, लेकिन यह अभी भी बाकी बाजार से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रही है। मई 2026 में AI/ML से जुड़ी हायरिंग सालाना आधार पर 22 फीसदी बढ़ी, जो कुल जॉब मार्केट की तुलना में काफी मजबूत वृद्धि है।

बदल रहा है IT कंपनियों का पुराना मॉडल

इस ट्रेंड पर टिप्पणी करते हुए ब्रोकरेज फर्म चॉइस ब्रोकिंग ने कहा कि कंपनियां अब टेक्नोलॉजी खर्च को ज्यादा असरदार और परिणाम देने वाली भूमिकाओं की तरफ मोड़ रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आईटी सेक्टर का पारंपरिक “पिरामिड मॉडल” धीरे-धीरे बदल रहा है। पहले कंपनियों में बड़ी संख्या में जूनियर कर्मचारी और कम संख्या में अनुभवी कर्मचारी होते थे। अब यह ढांचा “डायमंड मॉडल” की तरफ बढ़ रहा है, जहां अनुभवी और विशेषज्ञ कर्मचारियों की हिस्सेदारी ज्यादा होगी।

IT Stocks: किन कंपनियों को हो सकता है फायदा?

चॉइस ब्रोकिंग का मानना है कि यह बदलाव उन आईटी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, जिनकी AI, डिजिटल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग रिसर्च एंड डेवलपमेंट (ER&D) में मजबूत मौजूदगी है। ब्रोकरेज ने लंबी अवधि के लिए कोफोर्ज, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स, हैप्पीएस्ट माइंड्स और केपीआईटी टेक्नोलॉजीज को अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

Advertisement
First Published - June 17, 2026 | 2:18 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement