कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट में मंगलवार को 12,500 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाए जाने से हलचल है। दरअसल, सुस्त यील्ड से उधारी की लागत घटी है। इससे इस महीने में कुल 1 लाख करोड़ रुपये के बॉन्ड जारी किए जाने की उम्मीद है। जून में अब तक अच्छी रेटिंग वाले कॉरपोरेट बॉन्ड की यील्ड में 50-70 […]
आगे पढ़े
इस हफ्ते कॉरपोरेट बॉन्ड जारी करने में तेजी देखी गई और कंपनियों/संस्थानों ने इससे करीब 27,000 करोड़ रुपये जुटाए। बॉन्ड यील्ड में गिरावट से उधार लेने की लागत कम हुई, जिससे कंपनियों ने बॉन्ड जारी करना शुरू कर दिया। अगले हफ्ते भी बॉन्ड बाजार में व्यस्तता रहेगी। हाउसिंग ऐंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हडको), भारतीय लघु उद्योग […]
आगे पढ़े
भारत का सरकारी बॉन्ड यानी जी-सेक (Government Securities) बाजार लगातार बड़ा होता जा रहा है। रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक 8 जून तक यह बाजार करीब 123.5 लाख करोड़ रुपये का हो चुका है। सरकार अपनी ज्यादातर उधारी पहले से ही देश के बैंकों, बीमा कंपनियों, पीएफ और पेंशन फंड जैसे घरेलू निवेशकों […]
आगे पढ़े
सरकारी प्रतिभूतियों से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) को आयकर से छूट देने के फैसले से ब्लूमबर्ग इंडेक्स सर्विसेज के प्रमुख सूचकांक ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारतीय सॉवरिन प्रतिभूतियों के शामिल होने की संभावना बढ़ गई है। ब्लूमबर्ग के इस सूचकांक की समीक्षा इस महीने के मध्य में प्रस्तावित […]
आगे पढ़े
Indian Bond Market: ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से भारत के सरकारी बॉन्ड बाजार में दबाव बढ़ता जा रहा है। महंगे कच्चे तेल, कमजोर रुपये और बढ़ती महंगाई की आशंकाओं के बीच निवेशकों को डर है कि रिजर्व बैंक आने वाले महीनों में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। इसी वजह से सरकारी बॉन्ड यील्ड […]
आगे पढ़े
वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता, ऊंचे सरकारी कर्ज और जोखिम के पुनर्मूल्यांकन के बीच भारत को अपने बॉन्ड बाजार को मजबूत और व्यापक बनाने की जरूरत है। रेटिंग एजेंसी CareEdge Rating ने अपनी रिपोर्ट ‘Structural Shifts in Debt Market: Emerging Themes’ में कहा है कि भारत की लंबी अवधि की आर्थिक विकास जरूरतों को […]
आगे पढ़े
नैशनल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पॉवर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) ने मंगलवार को 15 साल बॉन्ड के माध्यम से 7.67 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर पर 2,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। सूत्रों के अनुसार इस इश्युएंस में 500 करोड़ रुपये का बेस साइज और 500 करोड़ रुपये का ग्रीनशू ऑप्शन शामिल था। बाजार सहभागियों के अनुसार एनएचपीसी ने 8,700 […]
आगे पढ़े
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर अब भारत के बॉन्ड बाजार पर भी दिखने लगा है। एक्सिस म्युचुअल फंड के अनुसार, इससे महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदें बदल रही हैं, जिससे निवेशकों के लिए माहौल चुनौतीपूर्ण हो सकता है। हालांकि, फंड हाउस का […]
आगे पढ़े
10-Year Government Bond: पिछले कुछ सप्ताह में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) में तेज बढ़ोतरी ने वैश्विक बाजारों को अस्थिर कर दिया है। वित्तीय परिस्थितियों को कड़ा बनाया है और इस बात पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है कि भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को अमेरिकी बॉन्ड बाजार की चाल के साथ कितनी निकटता […]
आगे पढ़े
सरकार हो या बड़ी कंपनियां… जब उन्हें ज्यादा पैसे की जरूरत होती है, तो वे निवेशकों से कर्ज लेती हैं। इसी कर्ज की लागत को बॉन्ड यील्ड यानी बॉन्ड यील्ड कहा जाता है। यह वैश्विक वित्तीय बाजार का एक बेहद अहम संकेतक माना जाता है क्योंकि इससे पता चलता है कि सरकारों और कंपनियों के […]
आगे पढ़े