गांवों में ज्यादा है गहनों का के्ज
छोटे शहरों और गांवों के लोग महानगरों की तुलना में देश के आभूषण कारोबार में ज्यादा योगदान देते हैं। अखिल भारतीय रत्न और आभूषण संघ के अध्यक्ष अशोक मीनावाला ने बताया कि आभूषणों की बिक्री छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों की तुलना में महानगरों में बढ़ने की संभावना है। ठीक यही बात पीएम शाह ज्वैलर्स […]
गैसों का उत्सर्जन कम करने के लिए कृषि संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो
संयुक्त राष्ट्र की सहयोगी संस्था खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने कृषि और वानिकी क्षेत्र के संसाधनों का बृहतर आबंटन करने को कहा है। एफएओ के मुताबिक, ग्रीन हाउस गैसों के कुल उत्सर्जन में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब एक तिहाई की है, लिहाजा पर्यावरण परिवर्तन से जूझने और असंतुलन दूर करने के लिए संसाधनों […]
7.80 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का अनुमान
गेहूं उत्पादन के मामले में भारत पिछले साल के रेकॉर्ड 7.84 करोड़ टन के उत्पादन को इस साल भी दोहरा सकता है। मौसम के अनुकूल होने से पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है हालांकि सरकार के लक्ष्य के मुताबिक रकबे में बढ़ोतरी नहीं भी हो सकती है। कृषि आयुक्त एन बी सिंह ने बताया, ‘उत्पादन […]
तेल की मांग घटने से प्राकृतिक गैस के लिए मची होड़
वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद अधिकांश देश प्राकृतिक गैस के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह अपनी ऊर्जा इकाइयों के लिए मुकेश अंबानी द्वारा नियंत्रित रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा खोजे गए कृष्णा-गोदावरी बेसिन को किस प्रकार पाने के लिए बेताब है, इसका एक ज्वलंत उदाहरण है। प्राकृतिक गैस के लिए यह उतावलापन तब […]
छतरी की दौड़ में तेज हुई होड़
दिल्ली से सटे नोएडा की फिल्म सिटी में डिश टीवी का ऑफिस है। ऑफिस वालों को जश्न मनाने का एक मौका मिला है। दरअसल, टेलीविजन रेटिंग मापने वाली एजेंसी टैम के एक अध्ययन के मुताबिक जी इंटरेक्टिव 999 के दर्शकों की संख्या सीएनएन आईबीएन, सीएनएन, यूटीवी आई, न्यूज एक्स और कुछ नये चैनलों के कुल […]
मंदी के दौर में भी गोवा में छाई है रौनक
छुट्टियों के मौसम में आमतौर पर लोगों को गोवा घूमना सबसे ज्यादा पसंद आता है। लेकिन इस बार गोवा घूमने के लिए भी लोगों के मन में कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है। आर्थिक मंदी और मुंबई पर हुए आतंकी हमले के कारण यहां सैलानियों की संख्या में इस दफा छुट्टियों के दौरान 25 […]
सुविधाओं से लैस दफ्तरों की बढ़ती मांग
मंदी के बावजूद भी सभी तरह की सुविधाओं से लैस दफ्तरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे दफ्तरों की मांग को पूरा करने वाली यह नई रियल एस्टेट सेवा काफी लोकप्रिय हो रही है। सभी सुविधाओं से लैस दफ्तरों की जगह मुहैया कराने वाली कंपनियां पहले दिन से ही दफ्तर खोलने के लिए […]
कब मिलेगी राहत?
आज विकास को लेकर किए जा रहे पूर्वानुमानों में एक पैटर्न साफ नजर आने लगा है। सरकार से जुड़े अर्थशास्त्री अब भी विकास दर के सात फीसदी के आस-पास रहने की उम्मीद जता रहे हैं। उनके मुताबिक इस साल की दूसरी छमाही या आखिरी तिमाही में मुल्क की आर्थिक हालत सुधर सकती है। वैसे, इस […]
स्थिरता के कारोबार में कौन कितना टिकाऊ?
मंदी के इस दौर में कंपनियां खुद से यह पूछ रही हैं कि टिके रहने की अपनी काबिलियत को लेकर उन्होंने जितना भी शोर मचाया था, वह कितना टिकाऊ साबित हुआ। मंदी की इसी मार की वजह से कंपनियों के सामाजिक दायित्व कार्यक्रमों (सीएसआर) की घोषणाएं भी कम सुनाई देने लगी हैं। ऐसे दौर में […]
मौसमी बदलाव के खतरों से बचें तो बचें कैसे!
जलवायु परिवर्तन पर पोलैंड के पोजनान में हुए सम्मेलन में मैंने एक सप्ताह बिताया। इस दौरान मैंने महसूस किया कि पूरी दुनिया इस समय गंभीर संकट में है। दुखद यह है कि जिन लोगों को इस मामले में कुछ करना है, वही लोग इस संकट से मुंह मोड़ रहे हैं। हालांकि यह सभी लोग स्वीकार […]
