एसएमई क्षेत्र तप रहा है वैश्विक मंदी की आंच में
हालांकि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री यह दावा कर रहे हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक आर्थिक मंदी का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है, लेकिन लघु एवं मझोले उद्योगों (एसएमई), खासकर हैंड टूल और खेल उपकरण निर्यातकों ने आर्थिक मंदी की तपिश झेलनी शुरू कर दी है। इन निर्यातकों को अपने उत्पादों के लिए बड़े […]
मंदी के दौर में लघु उद्योगों को एसबीआई का सहारा
वैश्विक वित्तीय मंदी के दौरान उद्योग जगत से ऋण की मांग में आई कमी को दूर करने के लिए भारतीय स्टेट बैंक ने छोटे और मंझोले उद्योगों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। बैंक के चंडीगढ़ सर्किल (चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब) के मुख्य महाप्रबंधक अजय स्वरूप ने बताया कि बैंक ने […]
विचारों के आईने में भारत
पिछले दिनों नंदन निलेकणि ने दिल्ली में पत्रकारों के लिए एक डिनर का आयोजन किया। उसमें भी वह वैसे ही आत्मविश्वास से भरे नजर आ रहे थे, जैसा कि आमतौर पर वह दिखायी देते हैं। एक नए लेखक के चेहरे पर जो घबराहट का भाव नजर आता है, वह भी उनके चेहरे पर नदारद था। […]
अदालत ने धीमी की पद्मिनी की चाल
मुंबई की सड़कों पर अब 25 साल पुरानी टैक्सियां नहीं दिखाई देंगी। कारण कि टैक्सियां हटाने संबंधी सरकारी फरमान के बाद चालकों को अदालत से निराशा ही हाथ लगी है। करीब 9000 हजार टैक्सियों केपहिए रुकने के साथ ही कई लोगों के रोजगार में भी जंग लगनी शुरू हो गई है। टैक्सी मालिकों और चालकों […]
एमटीएनएल कौन सी सेवा देश में पहली बार पेश करेगी?
1. रिजर्व बैंक ने निर्यातकों को बकाया बिलों की ब्याज दर में छूट की अवधि 90 दिन से बढ़ाकर कितनी कर दी है? क. 100 दिन ख. 180 दिन ग. 120 दिनघ. 140 दिन2. भारत सरकार ने कितने करोड़ रुपये का बेलआउट पैकेज जारी किया?क. 30 हजार करोड़ ख. 50 हजार करोड़ग. 60 हजार करोड़ घ. 70 हजार करोड़3. भारत की कौन सी दूरसंचार […]
इस जीत में सकारात्मक संदेशों का रहा ‘हाथ’
जब बात किसी बड़े दांव की हो तो बेहतर रणनीति का रुख अख्तियार करना जरूरी होता है। कुछ ऐसे ही नतीजे देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में देखने को मिले। दिल्ली, मिजोरम और राजस्थान में कांग्रेस के लिए के्रयॉन्स जैसी बेहद पेशवर विज्ञापन एजेंसी ने एक बेहतर रणनीति के साथ चुनावी अभियान […]
मजबूत कदम या खानापूर्ति?
रिजर्व बैंक के नक्शे कदमों पर चलते हुए सरकार ने भी रविवार को अर्थव्यवस्था को उबारने की खातिर कई कदमों का ऐलान किया। इन कदमों का मकसद अर्थव्यवस्था को मंदी के भंवर से बाहर निकालने के साथ-साथ मुसीबत में फंसे सेक्टरों को राहत देना है।पूरे तौर पर देखें तो घोषणा का आकार ठीक-ठाक ही है। […]
अब तो धूप का मौसम है बरसात गुजर गई जानां!
पालानीअप्पन चिदंबरम को इस बात का कोई अफसोस नहीं होना चाहिए कि पिछले महीने अचानक उन्हें वित्त मंत्रालय छोड़कर जाना पड़ा। पहली बात तो यह है कि उन्हें गृह मंत्रालय भेजा गया है, जहां इस समय एक प्रभावशाली मंत्री की सख्त जरूरत थी। ऐसे समय में, जब आंतरिक सुरक्षा को खतरा है- केंद्र सरकार के […]
सिर्फ नेता ही नहीं हम भी हैं दोषी
पिछले बुधवार को बड़ी तादाद में मुंबईकर ताज होटल के पास इकट्ठा हुए थे। ज्यादातर मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखने वाले ये लोग वहां पिछले महीने के आतंकी हमलों में मारे गए लोगों को श्रध्दांजलि देने के लिए जुटे थे। उन सभी में एक बात समान थी। वहां मौजूद लगभग हरेक शख्स राजनेताओं से खासा […]
ऑटो कंपनियां: मांग पर पड़ी मार
ऑटोमोबाइल जगत से बुरी खबरों का आना जारी है। पिछले सप्ताह, यूटिलिटी व्हीकल बनाने वाली कंपनी महिन्द्रा ऐंड महिन्द्रा (एम ऐंड एम) ने घोषणा की थी कि वह अपनी फैक्ट्रियों को इस महीने 3 से 4 दिनों के लिए बंद रखने जा रही हैं। पिछले महीने, ट्रक और बस बनाने वाली कंपनी टाटा मोटर्स और […]
