तैयारी उड्डयन उद्योग के सिंगुर की
श्रम मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो 2006 में पूरे मुल्क में सिर्फ एक हजार लोगों को ही छंटनी का शिकार होना पड़ा था। वैसे, मंत्रालय के पास केवल 2006 तक के ही आंकड़े मौजूद हैं। 2003 बाद से कोई भी ऐसा साल नहीं है, जब छंटनी के शिकार हुए कर्मचारियों की तादाद 3000 के […]
हिंदुस्तानी सियासत के शिकार श्रीलंकाई तमिल
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्टे्रलिया और उत्तरी यूरोप के मुल्कों की गुप्तचर एजेंसियां तमिलनाडु के राजनीतिक ड्रामे को बड़ी रुचि के साथ देख रही हैं। बदकिस्मती से श्रीलंका में गृहयुध्द इतना लंबा खिंच चुका है कि अब बाकी की दुनिया को उसमें कोई खास रुचि नहीं रह गई है। क्या कम से कम दो राष्ट्राध्यक्षों, दर्जन […]
बहस के बीच दम तोड़ता कुपोषण का मुद्दा
कैबिनेट की बैठक में तमाम अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर गहन विचार विमर्श होता है। उनमें से एक मसला बच्चों के कुपोषण का है, जिस पर इस सप्ताह बैठक के दौरान बहस हुई। लेकिन इस बार भी हर बार की तरह यह बच्चों का खेल ही साबित हुआ। सवाल यही उठा कि छोटे बच्चों को क्या […]
कैश पर बैठे फंड मौके की ताक में
कैश ही किंग है। लगता है फंड मैनेजर इस बात पर जरूरत से ज्यादा मुग्ध हैं। वैश्विक फंड मैनेजर मेरिल लिंच के सर्वे में यह बात सामने आई है कि बाजार में जोखिम बढ़ने से 49 फीसदी फंड मैनेजर कैश के ढेर पर सवार है। इससे साफ है कि अधिकांश फंड मैनेजर कैश रखना चाहते […]
एचडीएफसी बैंक: सामान्य कारोबार
क्रेडिट के लिए कठिन वातावरण के बावजूद एचडीएफसी बैंक ने अपने लोन बुक को अपेक्षाकृत बेहतर रखने में सफल हुई है। अगर बैंक का सितंबर 2008 की दूसरी तिमाही में परिसंपत्ति गुणवत्ता जून की तिमाही के मुकाले प्रतिकूल असर पडा तो इसका कारण सेंचुरियन बैंक के साथ विलय का प्रतिकूल असर है। हालांकि सकल एनपीएलए […]
भारतीय बाजार पर कब्जे का यही मौका
21 सितंबर को मोर्गन स्टेनली निवेश बैंकर से एक बैंक होल्डिंग कंपनी बन गई। 22 सितंबर को उसने घोषणा की कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी प्राइवेट होल्डिंग कंपनी मित्सुबशी यूएफजे (एमयूएफजे) उसकी 20 फीसदी हिस्सेदारी खरीदेगी। एमयूएफजे को भारत में कमर्शियल बैंकिंग के लिए लाइसेंस मिला हुआ है और उसकी यहां पर तीन शाखाएं […]
डयूरेबल्स और ऑटो कर्ज पर सबसे ज्यादा बुरा असर
कंज्यूमर डयूरेबल्स और वाहन ऋण में आई भारी गिरावट के कारण कुल खुदरा क्षेत्रों(आवासीय ऋण, वाहन ऋण, व्यक्तिगत ऋण आदि) को दिए जानेवाला कर्ज जून 2008 में गिरावट के साथ 14 प्रतिशत तक के स्तर पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि यह जून 2007 में 23 प्रतिशत के स्तर पर था। हाल में बैंकों द्वारा […]
सेंसेक्स में 9328 के स्तर पर आ सकता है बॉटम
क्या निवेशकों के लिए निवेश गुरु वारेन बफेट के प्रसिध्द सिध्दांत पर अमल करने का यही मौका है। न्यूयार्क टाइम्स में उन्होने लिखा था कि वह इस सिध्दांत का पालन करते हैं- जब दूसरे ललचा (बाजार पर)रहे हों तो थोड़ा डरें और जब दूसरे डरे हुए हों तो ललचाएं। शुक्रवार को दोनों ही सूचकांक नए […]
मंदी के सबसे कम घाव मिले एफएमसीजी और आईटी को
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कई महीनों से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। अमेरिकी सबप्राइम संकट से जन्मे वैश्विक आर्थिक संकट के कारण विश्व भर के बाजारों का कमोबेश यही हाल है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने जबरदस्त बिकवाली की है और बड़े परिमाण में बाजार से पैसे निकाल ले गये, इसके साथ ही बाजार में […]
आखिर मंदड़ियों ने बाजार दस हजार से नीचे पहुंचा ही दिया
मंदड़ियों ने शुक्रवार को शेयर बाजार को इस साल के नए निचले स्तर पर पहुंचा ही दिया। सेंसेक्स इस साल पहली बार दस हजार अंकों से नीचे यानी चार अंकों पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी तो थी जिसने रियालिटी, पावर, मेटल, टेलिकॉम, ैकपिटल गुड्स, तेल, बैंकिंग और आईटी के शेयरों को सबसे ज्यादा […]
