उत्पादन घटने से ‘कड़वा’ होगा चीनी का स्वाद
कृषि जिंस ब्रोकरेज के उपाध्यक्ष रोड्रिगो कोस्टा ने कहा है कि इस साल के अंत तक चीनी की कीमतों में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी क्योंकि ब्राजील और भारत के कारण वैश्विक उत्पादन मांग की तुलना में कम पड़ेगी। न्यूएज यूएसए एलएलसी के के उपाध्यक्ष कोस्टा ने कहा कि चीनी के वायदा मूल्यों में प्रति […]
चाय निर्यात में 53 फीसदी की बढ़ोतरी
चाय के प्रमुख उत्पादक देश केन्या में उत्पादन घटा तो सीधे तौर पर इसका फायदा भारत को मिला। इस वजह से जुलाई महीने में भारत के चाय निर्यात में 53 प्रतिशत की वृध्दि हुई जबकि उत्पादन में पांच फीसदी की ही बढ़ोतरी हो पाई। चाय बोर्ड के अनुसार जुलाई में निर्यात बढ़कर एक करोड़ 81 […]
काली मिर्च वायदा में नरमी
कमजोर निर्यात मांग की खबर के कारण बिकवाली में तेजी आने से घरेलू वायदा बाजार में शुक्रवार को काली मिर्च की कीमतों में गिरावट आई। नैशनल कमोडिटी एवं डेरिवेटिव एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) में दोपहर 11.45 बजे के कारोबार में सर्वाधिक सक्रिय सितंबर अनुबंध की कीमत 1.8 प्रतिशत घटकर 13,700 रुपये प्रति क्विंटल हो गई, जिसके कारोबार […]
कपास के बढ़े एमएसपी से किसानों को मिलेगी राहत
विश्व के दूसरे सबसे बड़े कपास उत्पादक भारत ने कपास के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 48 फीसदी की बढ़ोतरी कर किसानों को राहत दी है। नई दरें बाजार की दरों को ध्यान में रखते हुए तय की गई है। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (कॉटन कॉर्प) के प्रबंध निदेशक सुभाष ग्रोवर ने कहा कि लंबे […]
मानसून की वापसी में देरी से फसलों को फायदा होगा
इस सीजन में मानसून जहां समय से पहले आ गया, वहीं इसकी वापसी देर से हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके चलते मौजूदा सीजन की खरीफ फसलों और रबी सीजन में बोई जाने वाली फसलों को भी काफी फायदा पहुंचेगा। हालांकि देश के उत्तरी-पूर्वी इलाके में तेज बारिश की संभावना के चलते […]
किशमिश आयात में होगी 8 फीसदी की बढ़ोतरी
त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ किशमिश की मांग में आई तेजी के कारण इस साल भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार से अधिक मात्रा में इसका आयात करना पड़ सकता है। किशमिश का इस्तेमाल मुख्य रूप से मिठाइयों, टॉफियों और आयुर्वेदिक औषधि के रूप में किया जाता है। अमेरिकी कृषि विभाग ने अपनी ताजा रिपोर्ट में […]
जलवे मल्लिका-ए-हुस्न के
उनका कमरा बेहद शानदार है। बेहतरीन इंटीरियर वाले इस कमरे में सुनहरे रंग के पेंट वाले सोफे और उसी रंग में मेल खाते गद्दे भी हैं। मेज पर रखे कॉफी के कप भी कम खूबसूरत नहीं हैं। एक किनारे पर ही इसका जिम है। यह वही जगह है जहां वह हर सुबह योग करती हैं। […]
सवालों के घेरे में विश्व बैंक के आंकड़े
विश्व बैंक ने अपने एक आंकड़े में बताया था कि 2005 में कुल भारतीय आबादी का 24 फीसदी हिस्सा प्रतिदिन औसतन 13.14 रुपये या उससे कम पर गुजर बसर कर रहा है। आगे उसने कहा कि देश की 18 फीसदी आबादी ऐसी है जो प्रतिदिन औसतन 16.49 रुपये या उससे भी कम पर जी रही […]
नए नेपाल के लिए जरूरी है नया नजरिया
नवीन नेपाल के बारे में काठमांडू की गली-गली में चर्चा है, लेकिन मतभेद यह है कि नेपाल में वाकई कुछ बदला है क्या? पिछले महीने पुष्पकमल दहल उर्फ ‘प्रचंड’ को देश का प्रधानमंत्री चुना गया। माओवादी आंदोलन के शीर्ष नेताओं में से एक, प्रचंड (और माओवादियों) का चुनावी नारा था – सबको परखा, अब हमको […]
आखिर क्यों हो हर मर्ज की एक ही दवा?
भारत के गंभीरता के साथ वैश्विक दुनिया में कदम रखते ही आर्थिक बहस ने ऐसा स्वरूप ले लिया जो अंतरराष्ट्रीय आयामों से जुड़ा है। कारोबारी चक्र और महंगाई से कैसे निपटा जाए जैसे विषयों पर चर्चाएं की जाने लगीं। यह बदलाव स्वागत योग्य भी है क्योंकि कुछ साल पहले तक नीतियां सिर्फ इस बात को […]
