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लेखक : शेखर गुप्ता

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: चवालीस दिन के चुनाव से निकले 10 सबक

वर्ष 2024 का आम चुनाव एक उम्मीदवार वाला चुनाव था। मोदी इकलौते प्रत्याशी थे जिनके नाम पर भाजपा (BJP) ने वोट मांगे और वही इकलौते ऐसे विपक्षी थे जिन्हें भाजपा के प्रतिद्वंद्वी हराना चाहते थे। सन 1951-52 के बाद सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला आम चुनाव के लिए मतदान ऐसे समय समाप्त हुआ है […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: कांग्रेस के लिए अहम है अबकी बार 90 पार…

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्‌डी ने देश में हो रहे आम चुनावों को लेकर एक अलग संकेत दिया है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संभावित सीट की बात करने के बजाय कांग्रेस (Congress) पार्टी को मिलने वाली सीट पर ध्यान केंद्रित किया है। द प्रिंट को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि उनकी […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: अमर सिंह चमकीला, कनाडा और भविष्य के खतरे

अमर सिंह चमकीला (Amar singh Chamkila) की हत्या के कुछ सप्ताह पहले भी पंजाब में हर दूसरे दिन हत्याएं हो रही थीं, वह पूरा दौर आतंकी घटनाओं और हत्याओं का दौर था। आम चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच भला किसी को एक ओटीटी फिल्म के बारे में क्यों बात करनी चाहिए? भले ही वह […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: चुनावी लड़ाई में आगे लेकिन मुद्दा तय करने में पीछे

लोक सभा चुनावों के प्रचार अभियान का तकरीबन आधा दौर पूरा हो चुका है और ऐसा लगता है, और मैं थोड़ी घबराहट के साथ ऐसा कह रहा हूं कि बहुत कम चीजें सामने आई हैं। घबराहट इसलिए कि मेरी दलील इस बात पर टिकी है कि इस अभियान में अग्रणी नजर आने वाले अभियान को […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: लोक सभा चुनाव में छह राज्यों पर नजर

ये आम चुनाव कितने करीबी हो सकते हैं? अगर आप नरेंद्र मोदी या भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रशंसक हैं तो आप कहेंगे तो इन चुनावों में सबकुछ अनुमान के मुताबिक ही घटित होगा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को 400 सीटें मिलने की उम्मीद है। अगर आप विपक्ष के समर्थक हैं तो आप कह […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: 44 साल बाद मोदी की नई भाजपा

सन 1977 में जनता पार्टी के रूप में जो प्रयोग हुआ था और जिसमें भारतीय जनसंघ का विलय हुआ था, उसकी नाकामी के बाद 6 अप्रैल, 1980 को जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की स्थापना हुई तो लाल कृष्ण आडवाणी ने वादा किया था कि यह पार्टी अन्य राजनीतिक दलों से अलग होगी। वह ईस्टर […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा भारतीय विपक्ष

Lok Sabha Elections: आम चुनावों के पहले चरण के मतदान को बमुश्किल एक सप्ताह से कुछ अधिक समय शेष है और प्रमुख दलों के घोषणा पत्र सामने आने लगे हैं। इस बीच चुनाव से जुड़े जनमत सर्वेक्षणों का पहला संस्करण भी आ चुका है। टेलीविजन चैनलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिद्वंद्वियों का […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात: आखिर न्यायपालिका को कौन धमकी दे रहा है?

देश की उच्च न्यायपालिका के इर्दगिर्द पिछले कुछ समय में कई घटनाएं घटी हैं। पहले हरीश साल्वे सहित ‘बार’ के 600 सदस्यों ने देश के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिख कर उच्चतम न्यायालय के साथ ऐसे समय में एकजुटता और समर्थन दर्शाया जब उनके मुताबिक उस पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। इसे ‘बार’ […]

आज का अखबार, लेख

राष्ट्र की बात- ‘आप’-भाजपा की लड़ाई और कांग्रेस का संघर्ष

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद पहली प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली सरकार की एक प्रमुख मंत्री आतिशी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार हैं। यानी उनका कहने का अर्थ यह था कि केजरीवाल की गिरफ्तारी या उन्हें अस्थायी रूप से […]

आज का अखबार, लेख

CAA मामला: बासी कढ़ी में संभव है उबाल?

मोदी सरकार ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) के नियमों को लागू करने की जो अधिसूचना जारी की वह अपना तात्कालिक उद्देश्य पूरा नहीं कर सकी। यानी वह बेनामी चुनावी बॉन्ड से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को दबा नहीं पाई। बॉन्ड के मामले में उभरने की पूरी क्षमता थी। सीएए तब तक मृत प्राय था […]

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