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एम पी बिड़ला समूह की तीन कंपनियों को अदालती नोटिस

Last Updated- December 15, 2022 | 7:53 PM IST

प्रियंवदा देवी बिड़ला की वसीयत को लेकर बिड़ला समूह और लोढा समूह के बीच विवाद की सुनवाई कर रहे कलकत्ता उच्च न्यायालय के प्रोबेट कोर्ट ने एम पी बिड़ला समूह की तीन कंपनियों को अदालत के समक्ष पेश होने को कहा है। ये तीन कंपनियां हैं बिड़ला कॉरपोरेशन, बिड़ला केबल और विंध्य टेलीलिंक्स। कोर्ट को क्षेत्राधिकार के मुद्दे पर इस मामले पर निर्णय लेना है।
बिड़ला परिवार के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘खंडपीठ और सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एकल पीठ ने नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। एमपी बिड़ला समूह की कंपनियों को एकल पीठ के समक्ष होने से रोका गया है। इन कंपनियों को अदालत द्वारा नियुक्त समिति (इनमें से दो कंपनियों में निदेशक के तौर पर हर्ष वद्र्घन लोढा की गैर-पुनर्नियुक्ति शामिल) के निर्णय से सामने आए मुद्दों पर सुनवाई से गुजरना होगा।’
इस बीच, बिड़ला केबल और विंध्य टेलीलिंक्स हर्ष वद्र्घन लोढा को निदेशक के तौर पर पहले ही बहाल कर चुकी हैं और बिड़ला कॉरपोरेशन अन्य कंपनियों के साथ लोढा और अन्य निदेशकों को लाभ-केंद्रित वेतन पैकेज पर अमल कर चुकी हैं।
बिड़ला समूह द्वारा पिछले साल कलकत्ता उच्च न्यायालय के एकल पीठ से इन कंपनियों को अपनी सालाना आम बैठक (एजीएम) के परिणाम प्रकाशित करने से रोकने के लिए रोक आदेश प्राप्त करने के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। हालांकि इस साल 4 मई को, कलकत्ता उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने इन कंपनियों के अनुरोधों पर सुनवाई करते हुए उन्हें एजीएम में वोटिंग परिणामों को सार्वजनिक करने की अनुमति प्रदान कर दी थी।

First Published - June 11, 2020 | 12:34 AM IST

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