facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

नैस्डेक में जगह बनाने के लिए बेसब्र हैं भारतीय कंपनियां

Last Updated- December 05, 2022 | 4:33 PM IST

अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डेक में सूचीबद्ध होने के लिए बेसब्र भारतीय कंपनियों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये कंपनियां वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव जारी रहने के बावजूद नैस्डेक में दिलचस्पी दिखा रही हैं।


नैस्डेक के उपाध्यक्ष माइकल गार्वर ओक्सली ने कहा, ”कई विदेशी कंपनियां एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने के लिए उत्साहित हैं। इनमें भारतीय कंपनियां भी शामिल हैं।”


 वैसे, उन्होंने नैस्डेक में शामिल होने के लिए प्रयासरत विदेशी या भारतीय कंपनियों की संख्या का खुलासा नहीं किया।


ओक्सली अमेरिका में सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों से संबद्ध ‘सरबान्स-ओक्सली एक्ट’ के सह-लेखक भी हैं।


इस बीच नैस्डेक के प्रबंध निदेशक (एशिया प्रशांत) घनश्याम दास का कहना है कि सभी क्षेत्रों की भारतीय कंपनियां सूची में शामिल होने के लिए संभावना तलाश रही हैं। उ


नके अनुसार इन भारतीय कंपनियों में सूचना प्रौद्योगिकी, औषधि और रिटेल क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं।


उन्होंने कहा, ”नैस्डेक में संभावित तौर पर सूचीबद्ध कराने के लिए हम कुछ कंपनियों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन हम इनके नामों का खुलासा नहीं कर सकते।”


फिलहाल नैस्डेक में सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में आईटी कंपनी इन्फोसिस टेक्नोलॉजीज और इंटरनेट कंपनियां रीडिफ डाट कॉम और सिफी टेक्नोलॉजीज प्रमुख रूप से शामिल हैं।


इन्फोसिस और सिफी को 1999 में नैस्डेक में सूचीबद्ध किया गया वहीं रीडिफ को वर्ष 2000 में इस एक्सचेंज में जगह बनाने का मौका मिला।


नैस्डेक में फिलहाल 3100 से अधिक कंपनियां सूचीबद्ध हैं जिनमें 35 देशों से यानी गैर-अमेरिकी कंपनियों की संख्या 335 है।

First Published - March 13, 2008 | 8:01 PM IST

संबंधित पोस्ट