तेल-गैस

LPG कमी के बीच सरकार का बड़ा फैसला, 60 दिनों के लिए केरोसिन सप्लाई नियमों में ढील

खाना पकाने के लिए तेल कंपनियों को 2,500 लीटर तक केरोसिन स्टोर करने की अस्थायी मंजूरी

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शुभांगी माथुर   
Last Updated- March 30, 2026 | 1:09 PM IST

पश्चिम एशिया में जारी संकट के चलते देश में LPG की कमी के बीच सरकार ने अगले 60 दिनों के लिए खाना पकाने के मकसद से केरोसिन ​डि​स्ट्रिब्यूशन नियमों में ढील दी है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की ओर से संचालित चुनिंदा पेट्रोल पंपों को केरोसिन वितरित करने की अनुमति दी गई है। इसमें वे 21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं जिन्हें पहले “केरोसिन-फ्री” घोषित किया गया था।

29 मार्च की गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को प्रभावित करने वाली मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत केरोसिन (एसकेओ) का अस्थायी आवंटन करने का निर्णय लिया है, ताकि घरेलू उपयोग के लिए खाना पकाने और रोशनी की जरूरत पूरी की जा सके। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत अन्य शामिल हैं।

2,500 लीटर तक केरोसिन स्टोर करने की मंजूरी

सरकार ने ओएमसी को खाना पकाने के लिए 2,500 लीटर तक केरोसिन स्टोर करने की अस्थायी मंजूरी भी दी है। प्रत्येक जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को केरोसिन वितरण की अनुमति दी जाएगी, जिन्हें राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन नामित करेगा। तेजी से वितरण सुनिश्चित करने के लिए केरोसिन एजेंटों और डीलरों को कुछ लाइसेंस लेने से भी छूट दी गई है।

इसके अलावा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन दिया गया है। राज्यों से कहा गया है कि वे जिलों में वितरण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करें।

पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते भारत में LPG की सप्लाई प्रभावित हुई है, क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा उसी क्षेत्र से आता है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने केरोसिन आवंटन और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए हैं, ताकि घरेलू गैस की जरूरत पूरी की जा सके।

PM मोदी की अपील, अफवाहों से दूर रहें

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से अफवाहों और गलत जानकारी से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए। रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं और देश को एकजुट होकर इन परिस्थितियों का सामना करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे कई देशों में चिंता बढ़ी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत पहले भी कठिन परिस्थितियों से सफलतापूर्वक निकला है और इस बार भी 140 करोड़ देशवासी मिलकर इस स्थिति का सामना करेंगे। एलपीजी आपूर्ति को लेकर हाल में उठी चिंताओं पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल किसी तरह की कमी नहीं है। सप्लाई चेन से जुड़ी खबरों के कारण लोगों में कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बनी थी।

First Published : March 30, 2026 | 1:09 PM IST