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AI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिश

FY30 तक 5 अरब डॉलर राजस्व का लक्ष्य, AI और बड़े सौदों के दम पर कोफोर्ज में 50% तक तेजी की उम्मीद

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- June 17, 2026 | 3:22 PM IST

भारत की मिड-साइज आईटी कंपनियों में कोफोर्ज इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है। वजह सिर्फ इसकी तेज ग्रोथ नहीं, बल्कि कंपनी का वह बड़ा रोडमैप है जिसके तहत वह अगले चार साल में अपने कारोबार को दोगुना करना चाहती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स, नए बाजारों में विस्तार और अधिग्रहणों के दम पर कंपनी ने FY30 तक 5 अरब डॉलर के राजस्व का लक्ष्य रखा है। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज हाउस इस शेयर को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं और इसमें 15% से 50% तक की संभावित तेजी देख रहे हैं।

FY30 तक कारोबार दोगुना करने की तैयारी

हाल ही में आयोजित इनवेस्टर और एनालिस्ट डे में कंपनी ने बताया कि उसका लक्ष्य FY30 तक करीब 5 अरब डॉलर का राजस्व हासिल करना है। फिलहाल कंपनी का राजस्व करीब 2.5 अरब डॉलर के आसपास है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ऑर्गेनिक ग्रोथ के साथ-साथ चुनिंदा अधिग्रहणों पर भी दांव लगाएगी। अनुमान है कि करीब 70 करोड़ डॉलर का योगदान अधिग्रहणों से आ सकता है।

ऑर्डर बुक ने बढ़ाया भरोसा

कंपनी के पास इस समय 1.75 अरब डॉलर की ऑर्डर बुक है, जो FY22 के मुकाबले करीब 2.4 गुना ज्यादा है। हेल्थकेयर और सरकारी क्षेत्र से मिलने वाले बड़े सौदे आने वाले वर्षों में ग्रोथ के प्रमुख इंजन बन सकते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स का प्रवाह और मजबूत होगा।

AI अब सिर्फ प्रयोग नहीं, कमाई का जरिया

कोफोर्ज का कहना है कि उसके 75 फीसदी से ज्यादा AI पायलट प्रोजेक्ट अब वास्तविक कारोबारी इस्तेमाल तक पहुंच चुके हैं। कंपनी ने अपने लगभग सभी सॉल्यूशंस में Agentic AI को शामिल कर लिया है। “ModSquad” मॉडल के जरिए इंसानी विशेषज्ञता और AI को मिलाकर ग्राहकों के लिए नई सेवाएं तैयार की जा रही हैं। हालांकि AI कुछ पारंपरिक सेवाओं की मांग कम कर सकता है, लेकिन इसके बदले कंपनी को AI आधारित एप्लिकेशन मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन और AI-नेटिव प्रोडक्ट इंजीनियरिंग जैसे नए अवसर मिल रहे हैं।

अब सिर्फ हेडकाउंट नहीं, वैल्यू पर फोकस

विश्लेषकों का मानना है कि कोफोर्ज अब सिर्फ कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर कारोबार बढ़ाने वाले मॉडल से आगे निकलना चाहती है। कंपनी का फोकस अब बड़े ग्राहकों के साथ लंबे समय के संबंध बनाने, परिणाम आधारित प्रोजेक्ट्स और डोमेन-विशेष समाधान देने पर है। बैंकिंग और ट्रैवल सेक्टर, जो कंपनी के राजस्व का क्रमशः 29% और 25% हिस्सा हैं, आने वाले समय में भी अहम भूमिका निभाएंगे।

मुनाफे पर भी बढ़ा फोकस

Encora के अधिग्रहण के बाद कंपनी का मार्जिन प्रोफाइल बेहतर हुआ है। पोर्टफोलियो में बदलाव, अधिग्रहित कंपनियों के बेहतर एकीकरण और उत्पादकता बढ़ाने के प्रयासों से कंपनी की लाभप्रदता मजबूत होने की उम्मीद है। यानी अब सिर्फ राजस्व बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मुनाफा और नकदी फ्लो सुधारने पर भी कंपनी का जोर है।

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नए बाजारों में बढ़ रही पकड़

कंपनी की नई पहलें भी अच्छे नतीजे देती दिख रही हैं। ब्रिटेन के सरकारी क्षेत्र, हेल्थकेयर एवं लाइफ साइंसेज, क्लाउड, डेटा इंजीनियरिंग और ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में यही क्षेत्र कंपनी की ग्रोथ को नई गति दे सकते हैं।

किस ब्रोकरेज ने क्या कहा?

इसके बाद ब्रोकरेज हाउसों ने भी शेयर को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। नुवामा ने शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 2,200 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 50% की संभावित तेजी दर्शाता है। मोतीलाल ओसवाल ने 1,900 रुपये का टारगेट रखा है, जो लगभग 30% अपसाइड दिखाता है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने 1,690 रुपये का टारगेट दिया है, जो मौजूदा कीमत से करीब 15% ऊपर है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

First Published : June 17, 2026 | 3:22 PM IST