कुछ समय पहले दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित रैली ने देश की राजनीति की अन्यथा उदासीन और कमोबेश निष्क्रिय हालत में थोड़ी हलचल पैदा कर दी है। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि सत्तारूढ़ दल किसी भी तरह से जीतने की कोशिश करता है और हारने वाले तुरंत जीतने वाली पार्टी में शामिल हो जाते हैं। संभव है कि सीजेपी ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन के समान बड़ा बदलाव नहीं ला पाए लेकिन इसके प्रति शुरुआती आधिकारिक प्रतिक्रिया बहुत कुछ बता रही है।
एक्स और इंस्टाग्राम में सीजेपी के खातों पर रोक लगाना और कुछ हजार लोगों की रैली में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात करना। इन कदमों ने जाहिर कर दिया कि हमारा राजनीतिक और सत्ता प्रतिष्ठान, दोनों युवाओं को स्वतंत्र विचारक के रूप में देखने को लेकर असहज हैं। हालांकि रैली बिना किसी बड़ी बाधा के संपन्न हो गई और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे संकेत मिलता है कि अधिकारियों ने अपनी रणनीति को नए सिरे से समायोजित किया ताकि आगे कोई बड़ा विवाद न उत्पन्न हो। पिछले कुछ समय से बार-बार जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।