तेल-गैस

LPG संकट के बीच बड़ा कदम: 31,000 से अधिक लोगों ने छोड़े रसोई गैस सिलिंडर, PNG की बढ़ी डिमांड

पश्चिम एशिया संकट के कारण एलपीजी की कमी को देखते हुए सरकार पीएनजी को बढ़ावा दे रही है, जिसके चलते हजारों उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं

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शुभांगी माथुर   
Last Updated- April 13, 2026 | 10:14 PM IST

बीती 12 अप्रैल तक देश में 31,700 से अधिक पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) उपभोक्ताओं ने अपने तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) कनेक्शन समर्पित कर दिए हैं। ध्यान रहे पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के कारण रसोई गैस की कमी के चलते सरकार देश में प्राकृतिक गैस को अपनाने को बढ़ावा दे रही है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को बताया कि मार्च से अब तक लगभग 4,32,000 पीएनजी कनेक्शन शुरू हो चुके हैं किए जा चुके हैं, जबकि इसी अवधि में 4,75,000 अतिरिक्त ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीयन कराया है।

गत 14 मार्च को सरकार ने एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि जिन व्यक्तियों के पास पीएनजी और घरेलू एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, वे एलपीजी कनेक्शन नहीं रख सकते या तेल कंपनियों या उनके वितरकों से सिलिंडर रीफिल प्राप्त नहीं कर सकते। इस बीच, भारत की गैस कंपनियां पीएनजी को अपनाने का प्रोत्साहन दे रही हैं।  

रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच सरकार ने जानकारी दी कि भारतीय-ध्वज वाला जहाज जग विक्रम, जिसमें लगभग 20,400 टन एलपीजी और 24 नाविक सवार हैं, 14 अप्रैल को कांडला बंदरगाह पर पहुंच सकता है। यह जहाज 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा था।

इसके अतिरिक्त भी 15 भारतीय-ध्वज वाले जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। भारत का नौवहन मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय में, शेष जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है, यह जानकारी बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने दी।

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत की एलपीजी आपूर्ति बाधित बनी हुई है।

First Published : April 13, 2026 | 10:08 PM IST