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सोलर कुकिंग से घटेगा LPG बोझ: सरकार का बड़ा सुझाव, बदलें खाने का समय

शाम से पहले खाना पकाने की सलाह, सौर ऊर्जा से कम होगा गैस आयात और बढ़ेगी ऊर्जा सुरक्षा

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नंदिनी केशरी   
Last Updated- April 30, 2026 | 9:08 AM IST

लोग यदि सूर्यास्त से पहले-पहले सौर ऊर्जा से खाना पकाने की आदत बना लें तो काफी हद तक उनकी एलपीजी पर निर्भरता कम हो जाएगी। यह सुझाव नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी की ओर से आया है। नई दिल्ली में द इकनॉमिस्ट रेसिलिएंट फ्यूचर्स समिट में उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के कारण तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी को देखते हुए भारतीय परिवारों के लिए ऊर्जा उपयोग के समय में बदलाव का यह अच्छा अवसर है। भारतीयों को शाम के खाना पकाने के समय को सूर्यास्त से पहले लाने की कोशिश करनी चाहिए, ताकि वे सौर ऊर्जा से चलने वाले इंडक्शन कुकटॉप का उपयोग कर सकें।

उन्होंने कहा, ‘यदि खाना पकाने का समय शाम 5 बजे से पहले स्थानांतरित किया जाए जिससे सूर्यास्त से पहले सौर ऊर्जा का उपयोग हो सके, तो आम लोगों की गैस खरीदने की जरूरत तो कम होगी ही, सरकार के स्तर पर भी एलपीजी आयात कम करने में मदद मिल सकती है।’

युद्ध के कारण एक तरफ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बाधित कर रखा है तो दूसरी ओर अमेरिका ने भी इसकी नाकेबंदी कर दी है। ऊर्जा इतिहासकार डैनियल येरगिन ने इसे दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा ऊर्जा व्यवधान बताया है। इससे भारत के समक्ष एलपीजी की किल्लत हो गई। देश के कई हिस्सों में लोगों ने इंडक्शन कुकटॉप खरीदे और बिजली से खाना पकाना शुरू कर दिया। कई रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि गैस सिलिंडर नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने गृह प्रदेश लौटने पर मजबूर हो गए।

लोकल सर्कल्स के एक सर्वेक्षण के अनुसार, पिछले महीने देश भर में आधे से अधिक ग्राहकों को एलपीजी सिलिंडर बुक करने में देरी, कठिनाई और अनियमित डिलिवरी जैसी समस्या का सामना करना पड़ा था। सरकार भले वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करने के साथ अपनी रिफाइनरियों से आपूर्ति बढ़ाने और उपभोक्ताओं को ईंधन के अन्य विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हो, लेकिन फिलहाल ऊर्जा संकट जारी रह सकता है। यदि लोग इंडक्शन चूल्हे पर खाना पकाते हैं तो इससे बिजली की मांग 13 गीगावाट से बढ़कर 27 गीगावाट तक पहुंच सकती है।

ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के महानिदेशक कृष्ण चंद्र पाणिग्रही ने इस महीने की शुरुआत में कहा था, ‘इंडक्शन कुकिंग बढ़ने के कारण बिजली की मांग बढ़ेगी जिससे समग्र विद्युत लोड पैटर्न प्रभावित होगा।’ वर्तमान में सौर घंटों के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा की अधिक आपूर्ति का सामना करना पड़ता है, क्योंकि सूर्यास्त के बाद मांग चरम पर होती है। बिजली की खपत के एक हिस्से को दिन के घंटों में स्थानांतरित करने से मांग-आपूर्ति के अंतर को पाटने में मदद मिल सकती है। इससे सौर ऊर्जा का अधिक उपयोग भी हो सकेगा।

जोशी ने कार्यक्रम में यह भी कहा कि सरकार नवीकरणीय ऊर्जा की खपत बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा, ‘हम कई उद्देश्यों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग बढ़ा सकते हैं। सरकार घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने और दिन के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों को उन्हीं से चार्ज करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है। इससे हमारी ऊर्जा सुरक्षा का चक्र मजबूत होगा।’

First Published : April 30, 2026 | 9:08 AM IST