रियल एस्टेट

IT से आगे बढ़ा बेंगलूरु, अब GCC और स्टार्टअप्स बढ़ा रहे मकानों की मांग; Q1 में सबसे ज्यादा बढ़े दाम

बेंगलूरु में मकानों की कीमत सबसे अधिक 24 फीसदी बढ़ी। इसके साथ ही बेंगलूरु 15,120 रुपये प्रति वर्ग फुट की औसत कीमत वाले MMR के बाद देश का दूसरा सबसे महंगा हाउसिंग बाजार बन गया

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- May 27, 2026 | 4:47 PM IST

Housing Market 2026 Q1: बेंगलूरु ने इस साल पहली तिमाही में बिक्री, आपूर्ति और कीमत तीनों प्रमुख मानकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को सबसे बेहतर बाजार के रूप में स्थापित किया। PropTiger (Aurum PropTech Limited का हिस्सा) द्वारा जारी ‘Real INSIGHT- Residential Q1 2026’ रिपोर्ट के अनुसार बेंगलूरु में मकानों की औसत कीमत Q1 2026 में सालाना आधार पर 24% और पिछली तिमाही की तुलना में 3% बढ़कर 9,785 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई। इसके साथ ही बेंगलूरु 15,120 रुपये प्रति वर्ग फुट की औसत कीमत वाले Mumbai Metropolitan Region (MMR) के बाद देश का दूसरा सबसे महंगा हाउसिंग बाजार बन गया।

GCC और स्टार्टअप्स बढ़ा रहे मकानों की मांग

खास बात यह रही कि जब ज्यादातर शहरों में रियल एस्टेट बाजार की रफ्तार धीमी पड़ रही थी, तब बेंगलूरु में कीमतों की बढ़ोतरी और तेज हो गई। शहर में औसत कीमत वृद्धि दर जो Q1 2025 में 14% थी, अब बढ़कर 24% पहुंच गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि बेंगलूरु में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और स्टार्टअप सेक्टर में रोजगार की मजबूत बढ़ोतरी जारी है। यही वजह है कि शहर में मकानों की मांग केवल पारंपरिक आईटी सेक्टर पर निर्भर नहीं रही। इससे बेंगलूरु का रियल एस्टेट बाजार दूसरे शहरों की तुलना में ज्यादा मजबूत और स्थिर बना हुआ है तथा किसी एक सेक्टर में मंदी का असर इस पर कम पड़ता है।

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प्रमुख शहरों में कितने महंगे हुए मकान?

देश के 8 प्रमुख बड़े शहरों अहमदाबाद, बेंगलूरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, एमएमआर, पुणे और दिल्ली-एनसीआर में मकानों की औसत कीमतें Q1 2026 के दौरान सालाना आधार पर 3% से 24% तक बढ़ीं। तिमाही आधार पर भी मकानों की औसत कीमतों में 1% से 9% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक Q1 2026 में देश के आठों बड़े शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार मजबूती बनी रही। सभी शहरों में सालाना आधार पर कीमतें बढ़ीं, जिससे यह साफ है कि हाउसिंग सेक्टर में मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है और बाजार में अच्छी स्थिरता देखने को मिल रही है। Q1 2025 में देश के आठ बड़े शहरों में घरों की औसत कीमतों में सालाना आधार पर 10% से 43% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। उस समय दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा 43% की तेजी देखी गई थी। हालांकि, Q1 2026 में यह रफ्तार काफी धीमी पड़ गई और कीमतों में बढ़ोतरी घटकर 18% रह गई, जबकि औसत कीमत 9,534 रुपये प्रति वर्ग फुट पहुंच गई।

Q1 में मकानों की बिक्री में बड़ा बदलाव नहीं

इस रिपोर्ट के अनुसार Q1 2026 में देश के आठ बड़े शहरों में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर 2.2% घटकर 95,973 यूनिट रही, हालांकि पिछली तिमाही की तुलना में इसमें 1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, नई हाउसिंग सप्लाई सालाना आधार पर लगभग स्थिर रही और 0.1% की मामूली गिरावट के साथ 93,065 यूनिट दर्ज की गई, जबकि तिमाही आधार पर इसमें 1.1% इजाफा हुआ।

शहरों के हिसाब से बिक्री की बात करें तो सालाना आधार पर बेंगलूरु में बिक्री 33%, चेन्नई में 43%, हैदराबाद में 25% और दिल्ली-एनसीआर में 11% बढ़ गई, जबकि एमएमआर में 15%, पुणे में 21%, कोलकाता में 24% और अहमदाबाद में 23% घट गई। मकानों की सबसे ज्यादा बिक्री एमएमआर में 26,116 यूनिट रही, जबकि बेंगलूरु 15,603 यूनिट के साथ दूसरे स्थान पर रहा। सबसे ज्यादा नई सप्लाई एमएमआर में 27,189 यूनिट रही, जबकि बेंगलूरु 15,806 यूनिट के साथ दूसरे स्थान पर रहा।

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प्रोप टाइगर के सीईओ प्रकाश तेजवानी ने कहा कि भारत का हाउसिंग बाजार अब ज्यादा संतुलित और व्यवस्थित दौर में पहुंच गया है। अब बाजार की वृद्धि केवल अटकलों या तेजी से विस्तार पर नहीं, बल्कि मजबूत मांग, नियंत्रित सप्लाई और खरीदारों के बढ़ते भरोसे पर आधारित है।

First Published : May 27, 2026 | 4:47 PM IST