ऑनलाइन प्रॉपटेक प्लेटफॉर्म स्क्वायर यार्ड्स (Square Yards) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार जेवर में बनने वाले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वजह से जहां नोएडा के हाउसिंग मार्केट में रियल एस्टेट की कीमतों में तेजी आई है, वहीं यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के आस-पास प्रॉपर्टी की कीमतों में 2020 से 2025 के बीच जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। अगले दो साल में नोएडा एयरपोर्ट के आसपास प्रॉपर्टी के दामों में बड़ी तेजी आ सकती है।
स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट (“रनवे टू रियल्टी: कैसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट रियल एस्टेट को नया रूप दे रहा है”) के अनुसार पिछले पांच सालों में अपार्टमेंट की कीमतें लगभग तीन गुना हो गई हैं, जबकि प्लॉट की कीमतें औसतन 2.5 गुना बढ़ी हैं। कुछ खास माइक्रो-मार्केट में तो 5 गुना तक की वृद्धि देखी गई है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के दम पर निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
स्क्वायर यार्ड्स के फाउंडर और सीईओ तनुज शोरी ने कहा कि नोएडा का रियल एस्टेट बाजार इस समय एक अहम मोड़ पर है, जहां यह अपनी स्थानीय जड़ों और वैश्विक आकांक्षाओं के बीच संतुलन बना रहा है। इसका मुख्य कारण आगामी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यह एयरपोर्ट एक विश्व-स्तरीय ‘एयरोट्रोपोलिस’ (एयरपोर्ट-आधारित शहर) के विकास को गति दे रहा है। जिसका आवास की मांग, कीमतों और निवेश की गतिविधियों पर लंबे समय तक असर दिखेगा।
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रिपोर्ट के अनुसार रहने की बेहतर सुविधाओं, रोजगार के सृजन और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधारों के कारण विकास का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। अगले दो वर्षों में प्लॉट और अपार्टमेंट दोनों की कीमतों में क्रमशः 28% और 23% की वृद्धि होने की संभावना है। 2025 में प्लॉट की औसत कीमत 2,500 रुपये थी, जो 2027 में बढ़कर 3,200 रुपये प्रति वर्ग फुट हो सकती है। इसी अवधि में अपार्टमेंट की कीमत 9,600 रुपये से बढ़कर 11,800 रुपये प्रति वर्ग फुट हो सकती है।
स्क्वायर यार्ड्स की वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च एंड इनसाइट्स) सुनीता मिश्रा ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट पर कंस्ट्रक्शन तेज होने से पहले नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट देरी और डेवलपर के सामने आने वाली चुनौतियों की वजह से एनसीआर के दूसरे बाजारों से पीछे था। लेकिन अब एयरपोर्ट और उससे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में हो रही तरक्की के साथ बाजार की सोच में भी एक साफ बदलाव आया है। खासकर ज्यादा असर वाले इलाकों में डेवलपर इस बढ़ते मौके का लाभ उठाने के लिए तेजी से नए प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं।
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जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट केवल उड़ान भरने-उतरने की जगह नहीं, बल्कि पूरे इलाके के आर्थिक विकास का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। इसके आसपास औद्योगिक इकाइयां, मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स हब और वाणिज्यिक केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। एक्सप्रेसवे और मल्टीमॉडल परिवहन नेटवर्क से जुड़ने के कारण यहां तक पहुंचना आसान होगा और यात्रा समय घटेगा।
बेहतर कनेक्टिविटी से इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। यह भारत की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में गिना जा रहा है। अपने अंतिम चरण में यह एयरपोर्ट सालाना करीब 22.5 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा। इससे एनसीआर की विमानन क्षमता बढ़ेगी और आसपास के क्षेत्रों में शहरी व आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। इस एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को किया जाना है।