रियल एस्टेट

मुंबई-दिल्ली नहीं, अब पूरे भारत पर रियल्टी कंपनियों का कब्जा, कमाई 1.48 लाख करोड़ पहुंची

एनारॉक रिसर्च के अनुसार मल्टी-सिटी विस्तार के चलते वित्त वर्ष 2026 में सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की प्री-सेल्स में 18% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

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रामवीर सिंह गुर्जर   
Last Updated- May 29, 2026 | 4:25 PM IST

भारत के आवासीय रियल एस्टेट बाजार में अब उन डेवलपर्स का दबदबा बढ़ रहा है, जिन्होंने अपने पारंपरिक घरेलू बाजारों से बाहर निकलकर कई शहरों में कारोबार का विस्तार किया है। एनारॉक रिसर्च द्वारा सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कई प्रमुख डेवलपर्स अपने पारंपरिक घरेलू बाजारों से बाहर निकलकर प्रमुख शहरों में आक्रामक विस्तार कर रहे हैं और इसके चलते वित्त वर्ष 2026 में उनकी प्री-सेल्स आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है।

सूचीबद्ध रियल एस्टेट कंपनियों की प्री-सेल्स आय कितनी बढ़ी?

एनारॉक द्वारा शीर्ष 11 सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेवलपर्स की निवेशक प्रस्तुतियों, वार्षिक रिपोर्टों और नियामकीय फाइलिंग्स के विश्लेषण से पता चलता है कि उनकी संयुक्त प्री-सेल्स आय वित्त वर्ष 2025 के 1,25,841 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 1,48,158 करोड़ रुपये हो गई, जो सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की वृद्धि है। विश्लेषण में शामिल कंपनियों में गोदरेज प्रॉपर्टीज, प्रेस्टीज एस्टेट्स, डीएलएफ, लोढ़ा (मैक्रोटेक), सिग्नेचर ग्लोबल, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, पुरवांकरा, ओबेरॉय रियल्टी, कोल्टे-पाटिल, कीस्टोन (रुस्तमजी) और शोभा लिमिटेड शामिल हैं।

एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी के अनुसार प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग पोर्टफोलियो वाली कंपनियों ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। प्रेस्टीज एस्टेट्स ने 76 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद पुरवांकरा में 48 प्रतिशत, कीस्टोन/रुस्तमजी में 33 प्रतिशत, सोभा में 30 प्रतिशत, जबकि गोदरेज प्रॉपर्टीज और लोढ़ा में 16-16 प्रतिशत की वृद्धि रही।

Pre-sales Revenue of Top Listed Realty Developers (INR Cr)
Company FY25 FY26 % Change
Godrej Properties 29,444 34,171 16%
Prestige Estates 17,023 30,024 76%
DLF 21,223 20,143 -5%
Lodha (Macrotech) 17,630 20,530 16%
Signature Global 10,290 8,250 -20%
Brigade Enterprises 7,847 7,424 -5%
Purvankara 5,006 7,407 48%
Oberoi Realty 5,281 5,447 3%
Kolte-Patil 2,791 2,605 -7%
Keystone (Rustomjee) 3,028 4,022 33%
Sobha 6,278 8,135 30%
Total 1,25,841 1,48,158 18%

Source: ANAROCK Research & Advisory

 

रियल्टी कंपनियों ने बदली रणनीति अब वे पारंपरिक घरेलू बाजार से निकल दूसरे प्रमुख शहरों में पसार रही हैं पांव


इस रिपोर्ट के अनुसार देशभर में विस्तार अब प्रमुख डेवलपर्स की अहम रणनीति बन गया है। कंपनियां अपने घरेलू बाजारों पर निर्भरता कम करते हुए मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), एनसीआर, बेंगलूरु, हैदराबाद, पुणे और चेन्नई जैसे शहरों में तेजी से विस्तार कर रही हैं। गोदरेज प्रॉपर्टीज की वित्त वर्ष 2026 की कुल प्री-सेल्स में करीब 68 प्रतिशत हिस्सेदारी एमएमआर के बाहर के बाजारों से आई। वहीं प्रेस्टीज एस्टेट्स की लगभग 60 प्रतिशत प्री-सेल्स मुंबई, हैदराबाद और एनसीआर जैसे बेंगलूरु से बाहर के बाजारों से रही। लोढ़ा की लगभग 32 प्रतिशत प्री-सेल्स पुणे और बेंगलूरु से आई, जबकि पुरवांकरा ने मुंबई समेत अन्य शहरों में पुनर्विकास परियोजनाओं पर जोर बढ़ाया है।

इसके विपरीत, डीएलएफ अब भी अपने घरेलू बाजार एनसीआर पर काफी निर्भर है, जहां से उसकी करीब 90 प्रतिशत प्री-सेल्स आई। सिग्नेचर ग्लोबल भी पूरी तरह एनसीआर-केंद्रित बना हुआ है। अनुज पुरी का कहना है कि क्षेत्रीय ब्रांड से राष्ट्रीय स्तर के आवासीय प्लेटफॉर्म में बदलना अब बड़ी रियल्टी कंपनियों की रणनीतिक जरूरत बन गया है। कई शहरों में मौजूदगी रखने वाली कंपनियां अलग-अलग बाजारों की मांग का बेहतर लाभ उठा सकती हैं और किसी एक शहर के बाजार चक्र पर निर्भरता कम कर सकती हैं।

नई लॉन्चिंग में भी बाहर के शहरों को तरजीह

एनारॉक रिसर्च के अनुसार सूचीबद्ध रियल एस्टेट डेवलपर्स में नई परियोजनाओं की आपूर्ति के रुझान इस बात का संकेत देते हैं कि ये कंपनियां अब भौगोलिक विविधीकरण की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। इसका उद्देश्य व्यापक आवासीय मांग को पूरा करना, एक ही शहर के बाजार चक्र पर निर्भरता कम करना और राष्ट्रीय स्तर के आवासीय प्लेटफॉर्म स्थापित करना है। इस रणनीति को सबसे अधिक गोदरेज प्रॉपर्टीज, लोढ़ा, प्रेस्टीज और शोभा अपना रही हैं। एनारॉक रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में गोदरेज प्रॉपर्टीज की कुल प्री-सेल्स में केवल करीब 32 प्रतिशत हिस्सा उसके घरेलू बाजार एमएमआर से आया, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह हिस्सा 55 प्रतिशत था। यह कंपनी की आक्रामक विस्तार रणनीति को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2026 में शीर्ष सात शहरों में गोदरेज प्रॉपर्टीज की कुल नई यूनिट सप्लाई में केवल 10 प्रतिशत हिस्सा एमएमआर में था, जबकि बाकी 90 प्रतिशत अन्य प्रमुख शहरों में रहा।

प्रेस्टीज एस्टेट्स ने भी बेंगलूरु पर अपनी निर्भरता में तेज कमी की है। कंपनी की घरेलू बाजार से प्री-सेल्स हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2021 के लगभग 90 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 40 प्रतिशत रह गई, क्योंकि मुंबई, हैदराबाद और एनसीआर उसकी नई परियोजनाओं में प्रमुख बाजार बनकर उभरे हैं। वित्त वर्ष 2026 में प्रेस्टीज एस्टेट्स की कुल नई यूनिट सप्लाई में केवल 33 प्रतिशत हिस्सा बेंगलूरु में था, जबकि बाकी लॉन्च अन्य प्रमुख शहरों में किए गए।

शोभा ने भी वित्त वर्ष 2026 में बेंगलूरु से बाहर अपने विस्तार को तेज किया, जहां उसकी लगभग एक-तिहाई लॉन्च और बिक्री अन्य बाजारों से आई। ब्रिगेड एंटरप्राइजेज और पुरवांकरा ने भी चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और मुंबई में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। इसके विपरीत, डीएलएफ, ओबेरॉय, कीस्टोन और सिग्नेचर ग्लोबल अब भी अपने घरेलू बाजारों पर काफी निर्भर बने हुए हैं, जो राष्ट्रीय विस्तार की तुलना में अधिक क्षेत्र-केंद्रित विकास रणनीति को दर्शाता है।

First Published : May 29, 2026 | 4:25 PM IST