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इस साल खाली नहीं रहेंगे दफ्तर! ग्रेड ए कमर्शियल ऑफिस स्पेस में खाली जगह 16% तक घटने के आसार

क्रिसिल के अनुसार, मजबूत मांग और फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस के चलते इस वित्त वर्ष में ग्रेड ए कमर्शियल ऑफिसों की खाली जगह घटकर 15.5-16% रह जाएगी

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प्राची पिसल   
Last Updated- May 26, 2026 | 9:56 PM IST

देश के ग्रेड ए वाले वा​णि​ज्यिक कार्यालय स्थानों में खाली जगह का स्तर चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 27) के अंत तक धीरे-धीरे लगभग 50 आधार अंक (बीपीएस) तक घटकर 15.5 से 16 प्रतिशत तक आ जाने के आसार हैं। क्रिसिल रेटिंग्स ने यह जानकारी दी है। इसकी वजह शुद्ध पट्टों में अच्छी बढ़ोतरी और मौजूदा परियोजनाओं के तय समय पर पूरा होने के फलस्वरूप मांग और सप्लाई में कमी होगी।

अलबत्ता रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताएं और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) के कारण होने वाली चुनौतियां खाली जगह में गिरावट के उसके अनुमान के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं। परामर्श कंपनी कोलिअर्स इंडिया के अनुसार भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र में एआई ऑगमेंटेशन, जनसांख्यिकीय बदलाव और ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने में अग्रणी देशों में से एक है। भारत के एआई बाजार का आकार मौजूदा 9 अरब डॉलर से बढ़कर आने वाले दशकों में 500 अरब डॉलर से अधिक होने की उम्मीद है।

क्रिसिल ने कहा कि वित्त वर्ष 27 में घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी सेवाओं तथा इंजीनियरिंग एवं विनिर्माण कंपनियों की लीज में वृद्धि दर सामान्य बनी हुई है। इस वृद्धि को मुख्य रूप से लचीले कार्य स्थल क्षेत्र की दो अंकों की वृद्धि से मदद मिलने की उम्मीद है। ये कार्यस्थल बढ़ती मांग पूरी करने को बड़ी क्षमता वृद्धि कर रहे हैं। जोखिमों के बावजूद जीसीसी का लगातार आगमन और विस्तार लीज वृद्धि में लगातार मदद कर रहा है। 

क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक गौतम शाही ने कहा, ‘कुल मिलाकर वित्त वर्ष 27 में शुद्ध पट्टेदारी में 6 से 7 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। लेकिन इसमें एआई के कारण सूचना प्रौद्योगिकी और आईटी सेवा क्षेत्र में आने वाली रुकावटों से जुड़े जोखिम भी हैं, जिसका असर नियु​क्तियों और विस्तार पर पड़ सकता है। बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और टैरिफ से जुड़े मसले भी जीसीसी की पट्टेदारी की योजनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।’

First Published : May 26, 2026 | 9:56 PM IST