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लचीला होगा विदेशी उधार

Last Updated- December 08, 2022 | 10:07 AM IST

कंपनियों के लिए विदेशों से वाणिज्य ऋण (ईसीबी) जुटाने की शर्तों में इस माह के अंत तक  कुछ और ढील देने की योजना बना रही है।


इस फैसले से वैश्विक वित्तीय संकट के दौर में बुनियादी ढांचा और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थाओ को विदेश से धन जुटाने में आसानी होगी।

यह कवायद उस समय शुरू की गई है, जबकि घरेलू बाजारों में बुनियादी ढांचा कंपनियों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को ऊंची ब्याज दरों के कारण कर्ज की उगाही में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौजूदा समय में दोनों ही क्षेत्रों को ईसीबी नियम के तहत विदेशों से धन जुटाने की अनुमति नहीं है। योजना आयोग के उपाध्यक्ष के सलाहकार गजेंद्र हल्दिया ने कहा कि बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य कंपनियों को भी ईसीबी नियमों में ढील दी जाने की तैयारी चल रही है।

उम्मीद है कि इस साल के अंत तक ईसीबी नीतियां और उदार होंगी। विदेशी ऋण मानदंडों में ढील के बावजूद संसाधनों में कमी के कारण कंपनियों को विदेश में फंड जुटाने में मुश्किल हो रही है।

यही वजह है कि सरकार और ढील देने पर विचार कर रही है। कंपनियों को धन जुटाने के लिए आरबीआई ने अक्टूबर में ईसीबी के मानदंडो में ढील दी थी।

First Published - December 20, 2008 | 12:00 AM IST

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