facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

अगले वर्ष रहेगी मंदी, जरूरत पड़ेगी एक और पैकेज की

Last Updated- December 08, 2022 | 10:04 AM IST

सरकार इस बात को मान रही है कि वर्ष 2009-10 में भी मंदी जारी रहेगी और इस पर नियंत्रण पाने के लिए अगले वित्त वर्ष में भी आर्थिक पैकेज की जरूरत पड़ेगी।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि हाल में घोषित राहत पैकेज से राजकोषीय घाटा बढ़ेगा और इस बारे में सरकार उचित समय पर संसद को वस्तुस्थिति से अवगत करा देगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले हीं इस बात का भरोसा दिलाया था कि महंगाई दर नीचे आएगी और वास्तव में वह नीचे आ रही है। उम्मीद है कि भविष्य में यह और नीचे आएगी।
उन्होंने बताया कि अगर सात फीसदी की विकास दर हासिल की जाती है, तो उसे अच्छा संकेत माना जाएगा।

First Published - December 19, 2008 | 5:57 PM IST

संबंधित पोस्ट