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NCS पोर्टल पर नौकरी रिक्तियां फरवरी में 16 महीने के निचले स्तर पर, नियोक्ताओं की संख्या बढ़ी

एनसीएस पोर्टल श्रम मंत्रालय द्वारा संचालित एक सरकारी ऑनलाइन रोजगार मंच है जो नौकरी चाहने वालों को विभिन्न क्षेत्रों के नियोक्ताओं से जोड़ता है

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अहोना मुखर्जी   
Last Updated- March 09, 2026 | 10:27 PM IST

श्रम और रोजगार मंत्रालय के नैशनल करियर सर्विस (एनसीए) पोर्टल पर पोस्ट की गई नौकरी की सक्रिय रिक्तियों की संख्या फरवरी में 16 महीने के निचले स्तर 15 लाख पर आ गई, जो जनवरी में 23.7 लाख थीं। एनसीएस परफॉर्मेंस डैशबोर्ड के मुताबिक फरवरी में नौकरियों की संख्या अक्टूबर 2024 के 14.12 लाख नौकरियों के बाद से सबसे कम हैं। इसके विपरीत फरवरी में सक्रिय नियोक्ताओं की संख्या 5 महीने के उच्च स्तर 1.53 लाख पर पहुंच गई, जो जनवरी में 71,844 थी। यह सितंबर 2025 के बाद का सर्वाधिक आंकड़ा है, जब नियोक्ताओं की संख्या 1.6 लाख थी।

नैशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) में प्रोफेसर वर्णाली भंडारी ने कहा, ‘पोर्टल पर पंजीकरण करने वाली कंपनियों और वास्तव में नौकरियां पोस्ट करने वाली कंपनियों के बीच बड़ा अंतर है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि नियोक्ता डिजिटलीकरण कर रहे हैं और इन पोर्टलों पर पंजीकरण कर रहे हैं, लेकिन वे भर्तियां नहीं कर रहे हैं।’

एनसीएस पोर्टल श्रम मंत्रालय द्वारा संचालित एक सरकारी ऑनलाइन रोजगार मंच है जो नौकरी चाहने वालों को विभिन्न क्षेत्रों के नियोक्ताओं से जोड़ता है। यह कंपनियों द्वारा सीधे पोस्ट की गई रिक्तियों के साथ-साथ भागीदार नौकरी पोर्टलों और सरकारी रोजगार एक्सचेंजों से प्राप्त सूची को एकत्रित करता है। चालू वित्त वर्ष 2026 में जून 2025 में पोर्टल पर सबसे ज्यादा 99.3 लाख नौकरियां डाली गई थीं, तबसे संख्या में लगातार गिरावट आ रही है।

भंडारी ने कहा, ‘भारत में कई कंपनियां औपचारिक रूप से रिक्तियों का विज्ञापन नहीं करती हैं, लेकिन अपने लोगों के नेटवर्क के माध्यम से भर्तियां करती हैं। यह विशेष रूप से कई छोटी कंपनियों के मामले में सच है।’

सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि एनसीए पोर्टल पर अधिकांश रिक्तियां सेवा क्षेत्र से आती हैं। इसमें वित्त और बीमा शीर्ष पर हैं। उसके बाद लॉजिस्टिक्स, ऑपरेशंस सपोर्ट, आईटी और विनिर्माण क्षेत्र हैं। श्रम मंत्रालय की ओर से जारी 2023 के आंकड़ों के मुताबिक अधिकांश नियोक्ता (68 प्रतिशत) सेवा गतिविधियों से जुड़े है। उसके बाद विनिर्माण क्षेत्र (26 प्रतिशत) का स्थान है। इसमें से 51 प्रतिशत वित्त और बीमा क्षेत्र के हैं और 13 प्रतिशत परिवहन और भंडारण क्षेत्र से हैं।

पोर्टल पर रिक्तियों के अलावा नौकरी चाहने वालों और सक्रिय नियोक्ताओं की संख्या के बारे में भी जानकारी दी जाती है। फरवरी में नियोक्ताओं की संख्या 5 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई, वहीं नौकरी चाहने वालों की संख्या जनवरी के 6.73 लाख से घटकर फरवरी में 5.45 लाख रह गई।

लोक सभा में श्रम मंत्रालय द्वारा दिए गए एक लिखित उत्तर के अनुसार पोर्टल पर कुल रिक्तियों में पुरुषों की संख्या 52.5 लाख थी, जबकि 15 नवंबर, 2024 तक महिलाओं की संख्या केवल 8.2 लाख थी। एनसीएस पोर्टल पर नौकरी चाहने वाले का पंजीकरण आमतौर पर लगभग 6 महीने के लिए सक्रिय माना जाता है। यदि उपयोगकर्ता इस अवधि के दौरान लॉग इन नहीं करता है, नवीनीकरण नहीं करता है या अपनी प्रोफाइल अपडेट नहीं करता है, तो खाते को निष्क्रिय चिह्नित किया जा सकता है।

नतीजतन व्यक्ति को पोर्टल के सक्रिय नौकरी चाहने वालों में नहीं गिना जाता है। भंडारी ने कहा, ‘यह हो सकता है कि नौकरी चाहने वालों की संख्या लोगों की भर्तियों के कारण कम हो गई हो, लेकिन भारत के मामले में आमतौर पर यह देखा जाता है कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लोग नौकरी बाजार छोड़ देते हैं। जब लोगों को लंबे समय तक काम खोजने में मुश्किल होती है, तो कुछ लोग सक्रिय रूप से नौकरी खोजना बंद कर देते हैं, भले ही वे अवसर आने पर अभी भी काम करने के इच्छुक हों। लेकिन इसके कारण उन्हें उस अवधि में कार्यबल से बाहर माना जाता है।’

एनसीएस पोर्टल पर विदेश में रिक्तियों की भी जानकारी मिलती है। इस पोर्टल पर नवंबर, 2024 तक संयुक्त अरब अमीरात, इजराइल और सऊदी अरब के लिए सबसे अधिक रिक्तियां थीं। ये रिक्तियां सिविल और कंस्ट्रक्शन वर्क्स जैसे क्षेत्रों में सबसे अधिक थीं, इसके बाद होटल, खाद्य सेवाएं, कैटरिंग और स्वास्थ्य क्षेत्र में थीं।

First Published : March 9, 2026 | 10:19 PM IST