एयर इंडिया ग्रुप ने हवाई अड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण (एईआरए) को सूचित किया है कि एयरलाइंस मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नए शुरू हुए नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (एनएमआईए) पर अपना परिचालन स्थानांतरित करने में शायद दिलचस्पी न दिखाएं। अधिक टैरिफ, सड़क और मेट्रो कनेक्टिविटी की कमी और दोनों हवाई अड्डों के बीच परिचालन को विभाजित करने से लागत वृद्धि इसके मुख्य कारण हैं।
एईआरए को लिखे 16 अप्रैल के अपने पत्र में एयरलाइन ने कहा कि वह ‘एनएमआईए में परिचालन स्थानांतरित करने के लिए एयरलाइन की जोरदार मांग की धारणा से शिष्टतापूर्वक असहमत है, जिससे यह उम्मीदें सीधे तौर पर खारिज हो गईं कि एयरलाइंन नए हवाई अड्डे पर तेजी से परिचालन बढ़ाएंगी।
मुंबई के दोनों हवाई अड्डों का संचालन अदाणी समूह द्वारा किया जाता है। एईआरए वर्तमान में साल 2025 से 2030 की अवधि के लिए नवी मुंबई हवाई अड्डे के वास्ते विमान किराया – विमान लैंडिंग शुल्क, पार्किंग शुल्क आदि निर्धारित करने के लिए विमानन क्षेत्र के हितधारकों के साथ परामर्श कर रहा है।
एयर इंडिया द्वारा उठाए गए प्रमुख मसलों में से एक मसला है दो हवाई अड्डों से एक साथ परिचालन करने की आवश्यकता है। चूंकि मुंबई का मौजूदा हवाई अड्डा नवी मुंबई के साथ-साथ काम करता रहेगा, इसलिए एयरलाइंस को दोनों के बीच उड़ानों को विभाजित करना पड़ सकता है।