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पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत बनेगा स्टील मांग का ग्रोथ इंजन, FY27 में तेजी बरकरार रहने की उम्मीद

पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत प्रमुख स्टील बाजार के रूप में सबसे तेज वृद्धि दर्ज करना जारी रखेगा

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- April 15, 2026 | 11:18 PM IST

पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के बीच भारत प्रमुख स्टील बाजार के रूप में सबसे तेज वृद्धि दर्ज करना जारी रखेगा। वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (वर्ल्डस्टील) की निकट अवधि के हिसाब से नवीनतम अनुमान के अनुसार स्टील की वैश्विक मांग 2026 में स्थिर रहने की उम्मीद है।

2026 में स्टील की वैश्विक मांग मामूली रूप से 0.3 प्रतिशत बढ़कर 172.4 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया गया है, जो 2022 से कमजोरी की लंबी अवधि के बाद बाजार में निचले स्तर को छूने का संकेत देता है। 2027 में वृद्धि बढ़कर 2.2 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जिससे मांग 176.2 करोड़ टन तक पहुंच जाएगी।

पश्चिम एशिया संघर्ष ने इस अनुमान को धूमिल कर दिया है। टकरावों के कारण क्षेत्र में स्टील की मांग में तेज गिरावट की उम्मीद है, जो पहले के वृद्धि अनुमानों को उलट देगा। वर्ल्डस्टील ने चेतावनी दी है कि यदि दूसरी तिमाही से परे लड़ाई जारी रहती है शत्रुता बनी रहती है, तो ऊर्जा के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में वैश्विकअनुमान गिर सकता है।

इस दौरान भारत में स्टील की मांग 2026 में 7.4 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है और विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक मजबूती के कारण 2027 में यह और बढ़कर 9.2 प्रतिशत हो जाएगी। इंडियन स्टील एसोसिएशन ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘भारत सरकार के लचीले पूंजीगत व्यय आवंटन चक्र के कारण स्टील की मांग को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। राष्ट्रव्यापी रेल नेटवर्क का विस्तार और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं में उछाल से इसे और गति मिल रही है।’

इसमें कहा गया है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर सभी देशों के प्रभावित होने के बावजूद भारतीय स्टील उद्योग मजबूत मांग को लेकर आश्वस्त है।

First Published : April 15, 2026 | 11:13 PM IST