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रक्षा क्षेत्र का नया हब बनेगा आंध्र प्रदेश, सत्य साईं जिले में रखी गई स्टेल्थ फाइटर जेट परियोजना की नींव

अनुमानित 15,803 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना राज्य सरकार के बड़े ड्रोन सिटी और एरोस्पेस विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है

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मार्तंड मिश्रा   
Last Updated- May 15, 2026 | 11:16 PM IST

देश में स्वदेशी सैन्य विमान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साईं जिले में एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) विकसित करने वाली परियोजना की आधारशिला रखी।

अनुमानित 15,803 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना राज्य सरकार के बड़े ड्रोन सिटी और एरोस्पेस विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुट्टपर्ती में स्थापित होने वाली इस परियोजना से लगभग 7,500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। परियोजना में यहां रक्षा औद्योगिक और सहायक एरोस्पेस बुनियादी ढांचा सुविधाएं भी शामिल होंगी।

आधार​शिला रखने के लिए आयोजित सार्वजनिक सभा में राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज आंध्र प्रदेश के इतिहास में एक नया युग शुरू हो रहा है। आधारशिला समारोह में चार प्रमुख परियोजनाओं की शुरुआत हो रही है। इनके अलावा, आठ ड्रोन कंपनियां कुरनूल में ड्रोन सिटी भी शुरू कर रही हैं।’

रक्षा क्षेत्र का प्रमुख केंद्र आंध्र प्रदेश

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि भारत के रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में आंध्र प्रदेश प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, क्योंकि यहां कई एरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण सुविधाएं स्थापित हो रही हैं। पुट्टपर्ती में लगभग 650 एकड़ में फैली यह परियोजना एकीकृत एरोस्पेस टाउनशिप के विकास को बढ़ावा देगी।  इस मौके पर सिंह और नायडू ने कुछ अन्य रक्षा और ड्रोन सिटी परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी।

एएमसीए क्या है?

यह भारतीय वायु सेना के लिए डिजाइन किया गया 5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट है। यह दो-इंजन वाला विमान स्टेल्थ सुविधाओं, आंतरिक हथियार बे, उन्नत सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमता से लैस होता है। अगले दशक में लड़ाकू विमानों के पुराने बेड़े को हटाकर ये ही विमान वायुसेना में शामिल किए जाने की उम्मीद है। यह आईएएफ के लिए उन्नत मल्टीरोल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा।

एएमसीए माईके-1 वेरिएंट में अमेरिका स्थित जनरल इलेक्ट्रिक के एफ-414 इंजन का उपयोग किया जा सकता है, जबकि एमके-2 सीरीज को अधिक शक्तिशाली इंजन द्वारा संचालित किया जा सकता है। यह लड़ाकू विमान कई वेरिएंट में आएगा और इसमें आर्टिफिशल इंटेलिजेंस-सहायता प्राप्त सिस्टम, सेंसर फ्यूजन और उन्नत स्टेल्थ कोटिंग्स शामिल होने की उम्मीद है।

मीडिया रिपोर्टों केआधार पर इस साल की शुरुआत में प्रोटोटाइप विकास के लिए निजी क्षेत्र के तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया था, जिनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड एक स्टैंडअलोन बोलीदाता के रूप में, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के नेतृत्व वाला एक कंसोर्टियम और भारत फोर्ज लिमिटेड के नेतृत्व वाला एक अन्य कंसोर्टियम शामिल है।

First Published : May 15, 2026 | 11:07 PM IST